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नई दिल्ली। विश्व पर्यटन दिवस पर मध्यप्रदेश के तीन गांवों प्राणपुर, साबरवानी और लाड़पुरा देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम का खिताब मिला है। प्राणपुर को देश का पहला क्राफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज घोषित किया गया है। साबरवानी और लाड़पुरा को रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म श्रेणी में चुना है।
शुक्रवार को पर्यटन दिवस के मौके पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय नई दिल्ली के विज्ञान भवन में यह पुरस्कार दिया। मप्र टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक बिदिशा मुखर्जी ने यह सम्मान प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा देशभर में यह प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इस बार देशभर से कुल 900 गांवों से प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। इनमें से सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के लिए 36 गांवों का चयन किया है। मध्यप्रदेश के तीन गांवों ने इनमें जगह बना ली है।
उल्लेखनीय है कि अशोकनगर की तहसील चंदेरी से 4 किमी दूर स्थित प्राणपुर को देश के पहले क्राफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित किया गया है। यहां करीब 243 घरों में हथकरघा बुनाई का काम होता है। इसी तरह छिंदवाड़ा जिले की तामिया तहसील में बसा साबरवानी गांव गोंड जनजातीय संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां 9 होम स्टे बनाए जा चुके हैं। इसी तरह निवाड़ी जिले में ओरछा से 8 किलोमीटर दूर बसे लाड़पुरा खास को मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन के तहत पहले ग्रामीण पर्यटन गांव होने का गौरव प्राप्त है। यह गांब बुंदेली संस्कृति की पहचान कराता है।



