सीएम डॉ.मोहन यादव लगातार पुलिस-प्रशासन को यह स्पष्ट संदेश देते आ रहे हैं कि लापरवाही बिल्कुल ही नहीं चलेगी। जब भी सीएम तक शिकायत पहुंचती है, वह खुद आगे बढ़कर सख्त एक्शन लेते हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में कई पुलिस अफसरों पर कार्रवाई हुई है।
इसी साल जून में महीने में पूरे पुलिस महकमे में तब हड़कंप मच गया था, जब खुलेआम आपस में हॉट टॉक करने पर चंबल रेंज के आईजी सुशांत सक्सेना, डीआईजी कुमार सौरभ और दतिया एसपी वीरेंद्र मिश्रा को हटा दिया गया था। इसके साथ ही महिला सीएसपी ख्याति मिश्रा के पति व अन्य परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के कारण कटनी एसपी अभिजीत रंजन को भी कार्रवाई की गई थी। इतना ही नहीं 10 आईपीएस अधिकारियों के तबादले भी देर रात कर दिए गए थे।
👉 यह भी पढ़ें:
- Mohan Cabinet : गुजरात को 217 करोड़ रुपए देगा मध्यप्रदेश, कैबिनेट बैठक से पहले सीएम यादव ने दी जानकारी, कई फैसलों पर लगी मुहर
- West Bengal Rape Murder Case: 12 साल की बच्ची के रेप-मर्डर का मुख्य आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर, Crime Scene Recreation के दौरान छीन ली थी राइफल
- अब चिट्ठी लिखने से क्यों इनकार कर रहे हो मंत्रीजी ‘दिल की बात’ ही तो है…
- मंत्री विजयवर्गीय को सताई अपनी उपेक्षा की चिन्ता, इंदौर के बहाने सीएम यादव को पत्र लिख कर साधा निशाना
- इंदौर पुलिस को मिली सफलता, प्रदेश में तीसरे नंबर पर आई फिंगर प्रिंट इकाई, कमिश्नर ने पूरी टीम को दी बधाई
- MP Politics: CM Mohan Yadav पर करोड़ों की जमीन डील का आरोप! कांग्रेस के दावों पर BJP का पलटवार, आखिर सच क्या है?
फिर जरा याद कर लीजिए, इसी साल सितंबर में इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर एक बड़ा हादसा हुआ था। एक बेकाबू ट्रक ने नो एंट्री में रांग साइड आकर कई लोगों को कुचल दिया था, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हुए थे। इस घटना के अगले दिन ही सीएम इंदौर आए और जिम्मेदारों पर तुरंत एक्शन लिया। सीएम ने यातायात पुलिस उपायुक्त अरविन्द तिवारी, सहायक पुलिस आयुक्त सुरेश सिंह, एएसआई प्रेम सिंह, सूबेदार चन्द्रेश मरावी, निरीक्षक दीपक यादव और ड्यूटी पर तैनात सभी चार कॉन्स्टेबलों को निलंबित कर दिया था।
ताजा घटना मंगलवार रात की है, जब सीएम खुद ही पुलिस मुख्यालय पहुंचे और कई अधिकारियों पर एक्शन लिया। उन्होंने प्रदेश में अपराध की स्थिति को लेकर शीर्ष पुलिस अधिकारियों की बैठक की और कड़ी नाराजगी जाहिर की। सीएम ने रायसेन में हुए अपराध को लेकर सख्ती दिखाते हुए रायसेन एसपी पंकज पांडेय को पुलिस मुख्यालय भोपाल में अटैच कर दिया। इसके साथ–साथ उन्होंने भोपाल के मिसरोद और टीला जमालपुरा प्रभारी को हटाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिर कहा है कि प्रदेश में जनता और सुशासन की सरकार है, इसलिए अपराध रोकने के लिए पुलिस सड़कों पर उतरे। किसी भी अपराधी को छोड़ा न जाए।
सीएम के बार-बार निर्देश देने के बाद भी जो अफसर सुधरना नहीं चाहते-उनके तो अब सीएम ही मालिक हैं।
इसलिए कुछ भी गलत करने से पहले एक बार सोच लीजिए…



