इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव बुधवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती पर इंदौर में निकले यूनिटी मार्च में शामिल हुए। इस अवसर पर सीएम यादव ने कहा कि आजादी के लिए जिन–जिन महापुरुषों ने योगदान दिया, उन्हें योजनाबद्ध तरीके से भुलाने का काम नेहरू–गांधी परिवार ने किया। सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस सहित कई महापुरुषों को भुलाया गया।
सीएम यादव ने कहा कि सरदार पटेल प्रधानमंत्री के रूप में पूरे देश को स्वीकार होते, लेकिन उन्होंने महात्मा गांधी के आदेश को माना। वर्तमान के समय में उनके कामों का आंकलन करें तो देश के कई नेता बौने हो जाएंगे, लेकिन दूसरों ने अपनी लकीर बड़ी करने के बजाए उनकी लकीर छोटी की।
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धारा 370 को बताया कलंक
सीएम यादव ने कहा कि कश्मीर में नेहरू ने धारा-370 लगाई, लेकिन उसमें कई गलतियां रखी। उस कलंक के कारण देश के सैनिक, कई कश्मीरी पंडित मारे गए। भारत के नक्शे के साथ कश्मीर यदि हमें पूरा मिलता तो हम अफगानिस्तान के रास्ते ईरान औ ईराक के साथ यूरोप को जोड़ने का रास्ता निर्बाध रुप से रख सकते थे, लेकिन बीच में विभाजन की रेखा बनने की गलती नेहरू जी की है।
देश की एकता को पटेल ने मजबूत किया
सीएम यादव ने कहा कि देश में प्रशासनिक सेवा का तंत्र बना है, जो लोकतंत्र को मजबूत करता है, वह सरदार वल्लभ भाई पटेल की देन है। एक हजार साल की गुलामी के कारण जिन कारणों से भारत कमजोर हुआ, उसे जानते हुऐ देश की एकता और अखंडता को सरदार पटेल ने मजबूत किया। नेहरू जी, इंदिरा जी, राजीव गांधी को भले ही भारत रत्न मिला, लेकिन सरदार पटेल को उनकी प्रतिमा जैसे विराट व्यक्तित्व को वर्षों तक याद किया जाएगा।



