इंदौर। भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में ICJS Implementation & Digital Integration Workshop का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों के कार्यों का विगत एक वर्ष के प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसमें इंदौर पुलिस को भी बड़ी सफलता मिली है। इंदौर की फिंगर प्रिंट इकाई को पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान मिला है।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा लागू इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) की प्रगति एवं प्रभावशीलता की नियमित समीक्षा की जाती है। इसके तहत न्याय प्रक्रिया एवं पुलिस अनुसंधान और बेहतर व प्रभावी हो तथा नवीन आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं आपराधिक न्याय प्रणाली के विभिन्न स्तंभों के मध्य डिजिटल समन्वय को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मूल्यांकन किया जाता है। इंदौर की फिंगर प्रिंट इकाई ने इस मूल्याकंन में खरी उतरी और प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
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इंदौर की टीम ने प्राप्त किया सम्मान
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कार्यशाला के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति संजीव कालगांवकर, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा इंदौर पुलिस को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इंदौर पुलिस की ओर से अति. पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) श्रीमती सीमा अलावा एवं फिंगर प्रिंट टीम ने कार्यशाला में उपस्थित होकर यह सम्मान प्राप्त किया।

पुलिस कमिश्नर ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह ने फिंगर प्रिंट इकाई के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके समर्पण, मेहनत एवं उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी इसी लगन और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर इंदौर पुलिस को नई उपलब्धियों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अप./मुख्यालय) नगरीय इंदौर आर के सिंह, अति. पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) सीमा अलावा ने भी सभी को बधाई दी।
इन मानकों पर होता है मूल्यांकन
– थानों द्वारा तैयार की गई फिंगरप्रिंट स्लिप की संख्या
-न्यायालयों द्वारा तैयार की गई फिंगरप्रिंट स्लिप की संख्या
-घटनास्थल निरीक्षण की संख्या
-MCU एंट्री की संख्या
-NAFIS के माध्यम से ट्रेस किए गए मामलों की संख्या



