इंदौर। पूरे देश में स्वच्छता से पहले इंदौर का नाम खाने-पीने वाले शहर के रूप में ही थी। आज भी है। बाहर से कोई भी इंदौर आता है तो सबसे पहले यहां के व्यंजनों का स्वाद लेता है। सराफा, 56 दुकान सहित शहर में अनेकों खाऊ ठिए हैं, जहां रात गुलजार रहती है। यह विडंबना है कि बड़े रेस्टोरेंट और होटल शहर का नाम डुबोने में लगे हैं। शहर के पुराने और नामी होटल सयाजी में इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां मिली हैं कि लोग हैरान हैं।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार के मार्गदर्शन में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) वेस्टर्न रीजन ब्रांच, इंदौर, खाद्य सुरक्षा प्रशासन जिला इंदौर एवं जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने गुरुवार 20 जुलाई को सयाजी होटल तथा मधुर कन्फेक्शनर्स प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया था। इस टीम में डिप्टी कलेक्टर ऋतु जाट, तहसीलदार सपना शर्मा, तहसीलदार अजय अहीरवाल एवं तहसीलदार सहदेव मोरे शामिल थे। मधुर कन्फेक्शनर्स प्राइवेट लिमिटेड में निरीक्षण के दौरान भी कई गड़बड़िया मिलीं। यहां से भी जांच के लिए नमूने लिए गए।
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सयाजी से ऐसी उम्मीद नहीं थी
इंदौर में सयाजी होटल काफी पहले से है और इसने शहर में होटल संस्कृति विकसित की थी। शहर के लोग इस पर भरोसा करते थे, लेकिन कल यानी गुरुवार को फूड विभाग के छापे में जो कुछ भी मिला, उसने लोगों को भरोसे को तोड़ दिया है। इसकी जमीन से जुड़े विवाद तो लंबे समय से चले आ रहे हैं, लेकिन लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब खाने के मामले में जमीन से भी ज्यादा गड़बड़ी सामने आ गई है।
खाद्य विभाग की टीम भी रह गई हैरान
खाद्य विभाग की टीम जब यहां निरीक्षण के लिए पहुंची तो गड़बड़ियां देखकर वह भी हैरान रह गई। दिल्ली की खाद्य विभाग की टीम के साथ इंदौर खाद्य विभाग के अधिकारियों ने होटल के किचन, स्टोरेज एरिया और खाद्य सामग्री की जांच की। जांच के दौरान करीब 66 किलो नॉनवेज खाद्य सामग्री बिना पैकिंग डेट के मिली। इसके अलावा खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता को लेकर भी कई खामियां सामने आईं।
वेज और नॉनवेज एक साथ रखे मिले
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि होटल में खाद्य सामग्री का निर्धारित तापमान मेंटेन नहीं किया जा रहा था। वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक ही कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था। सी-फूड, चिकन और मटन को भी एक साथ स्टोर किया गया था। उबले हुए आलू पर एक्सपायरी डेट की टैगिंग मिली, जबकि कुछ टेट्रापैक लीक मिले, जिससे खाद्य सामग्री के दूषित होने की आशंका जताई गई। टीम को पैक्ड कुल्फी भी मिली, जिस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर दर्ज नहीं था। वहीं, स्टोर में फ्रोजन डेजर्ट रखा मिला, जबकि होटल के मेन्यू में उसे आइसक्रीम के रूप में दर्शाया गया था। कई खाद्य उत्पाद बिना लेबल के भी पाए गए।
किचन और स्टोरेज एरिया में चूहे मिले
स्वच्छता व्यवस्था की जांच के दौरान ड्राई स्टोरेज और नॉनवेज स्टोरेज में जंग लगी सामग्री मिली। फूड प्रिपरेशन प्लेटफॉर्म पर भी जंग और रस्ट पाया गया। किचन और स्टोरेज एरिया में कॉकरोच और चूहों की लीद मिलने के साथ ही चूहे भी पाए गए। ड्राई स्टोरेज की दीवार और फर्श में दरारें मिलीं।
सड़े हुए टमाटर, आलू और मूंगफली में फंगस
जांच के दौरान स्टोर में सड़े हुए टमाटर और आलू तथा मूंगफली में फंगस भी पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कई खाद्य सामग्री दीवार से सटाकर और बड़ी मात्रा में सामग्री बिना पैलेट के सीधे जमीन पर रखी गई थी। पैलेट के नीचे गंदगी मिली। ग्रेवी को रूम टेम्परेचर पर स्टोर किया गया था।
लाइसेंस में नॉनवेज का जिक्र नहीं
लाइसेंस से जुड़ी कई आपत्तियां भी सामने आईं। होटल के लाइसेंस में नॉनवेज शामिल नहीं होने के बावजूद नॉनवेज खाद्य सामग्री रखी मिली। लाइसेंस में बेकरी और स्वीट्स शामिल नहीं होने के बावजूद होटल में इन-हाउस बेकरी और मिठाई तैयार की जा रही थी। फाइव स्टार श्रेणी के होटल के सेंट्रल लाइसेंस को लेकर भी टीम ने जांच की। इसके अलावा इस्तेमाल किए गए जले हुए तेल को सीधे ड्रेनेज में डालने की बात भी निरीक्षण में सामने आई।
बेकरी और स्वीट का लाइसेंस नहीं
नॉनवेज की तरह ही सयाजी होटल में बेकरी और स्वीट्स का लाइसेंस नहीं मिला, जबकि होटल में इन-हाउस बेकरी संचालित है। इतना ही नहीं मौके पर मिठाइयां बनाई जा रही थीं। होटल फाइव स्टार श्रेणी का है, लेकिन निरीक्षण में संबंधित सेंट्रल लाइसेंस को लेकर भी आपत्ति सामने आई।
पनीर, ड्राई फ्रूट्स आदि के सैंपल लिए
टीम ने पनीर, कच्चे नॉनवेज, पैक्ड पनीर, सौंफ और ड्राई फ्रूट्स समेत अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सयाजी होटल में सामने आईं प्रमुख खामियां
-खाद्य सामग्री के भंडारण और तापमान से जुड़ी खामियां
-करीब 66 किलो नॉन-वेज बिना पैकिंग/निर्माण तिथि के मिली
-कोल्ड स्टोरेज में वेज और नॉन-वेज एक साथ
-कई खाद्य सामग्री दीवार से सटाकर रखी गई थी।
-बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री पैलेट के बिना सीधे फर्श पर रखी मिली।
-कुछ खाद्य सामग्री का स्टोरेज निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं।
-पैक्ड कुल्फी पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर नहीं।
-स्टोर में फ्रोजन डेजर्ट मिला, जबकि मेन्यू में इसे आइसक्रीम के रूप में दर्शाया गया था।
-उबले हुए आलू पर एक्सपायरी डेट की टैगिंग मिली।
-कई खाद्य उत्पाद बिना उचित लेबल के मिले।
-मूंगफली में फंगस पाया गया।
-स्टोर में सड़े हुए टमाटर और आलू मिले।
-शुगर पाउच पर ‘सयाजी’ नाम अंकित था, जो लाइसेंस में दर्ज नहीं था।
-परिसर में कॉकरोच और चूहों की लीद मिली।
-निरीक्षण के दौरान चूहे भी पाए गए।
-पैलेट के नीचे भी चूहों की मौजूदगी के संकेत मिले।
-ड्राई स्टोरेज की दीवार और फर्श में दरारें मिलीं।
-गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं मिली।
-टॉपिंग के टेट्रापैक लीक मिले।
-ड्राई स्टोरेज में जंग लगी हुई मिली
-वेजिटेबल स्टोरेज में भी जंग पाई गई।
-खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले प्लेटफॉर्म पर भी जंग।



