चौड़ाई कांड के बाद खफा हैं मंत्री विजयवर्गीय, पौधारोपण कार्यक्रम में कहा-मैं इंदौर की मीडिया से बात नहीं करूंगा
इंदौर। मध्यप्रदेश के बड़बोले कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इन दिनों मीडिया से खफा हैं। दरअसल अपने ही विधानसभा क्षेत्र में महिला पार्षद पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद मंत्रीजी इतनी बुरी तरह घिर गए कि माफी मांगनी पड़ी। इससे खफा मंत्रीजी ने गुरुवार को पौधारोपण कार्यक्रम के बाद कहा कि वे इंदौर की मीडिया से बात नहीं करेंगे।
मीडिया मान रहा मंत्रीजी का आभार
इंदौर का मीडिया अब मंत्रीजी का आभार मान रहा है। कम से कम अब मीडियाकर्मी आपके बुलावे पर भागते नहीं फिरेंगे। उनका समय भी बचेगा। नहीं तो बात-बात पर आपके द्वारा जगह-जगह मीडियाकर्मियों को बुलाया जाता रहा है। आपके कार्यकर्ताओं द्वारा अब फोन लगाकर मीडियाकर्मियो को परेशान भी नहीं किया जाएगा।
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नगर निगम ने दिया था आमंत्रण
आज के कार्यक्रम में भी मीडियाकर्मी बिना बुलावे के नहीं पहुंचे थे। इसके लिए बकायदा नगर निगम द्वारा आमंत्रण जारी किया गया था। नगर निगम के जनकार्य एवं उद्यान विभाग के प्रभारी राजेंद्र राठौर ने आमंत्रण जारी किया था। इसमें कहा गया था कि देवगुराड़िया के पास दतुनी पहाड़ी पर अवधूत सिद्ध महायोगी श्री दादागुरु महाराज जी एवं संतों के सानिध्य में पौधारोपण होना है। कार्यक्रम के विशेष अतिथि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बताए गए थे।
आपका काम तो मंचों से चल जाएगा
मंत्रीजी ने शायद सोचा होगा कि उनका काम तो मंचों से ही चल जाएगा। कभी किसी महिला पार्षद की चौड़ाई बता देंगे तो कभी राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने सीएम पर तंज कस देंगे। कभी महापौर या किसी विधायक की बेइज्जती कर देंगे। मंत्रीजी ने सोचा होगा कि मंचों से ही ऐसा बयान दूंगा कि मीडिया को खबर बनानी पड़े।
जुबान न फिसले इसलिए लिखा भाषण पढ़ा
बताया जाता है कि पौधारोपण कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय ने आज लिखित भाषण पढ़ा। सूत्र बताते हैं कि चौड़ाई कांड के बाद मंत्रीजी इतने घबराए हुए हैं कि सिपहसलारों के सुझाव पर आज लिखा हुआ भाषण ले गए थे। मत्रीजी को डर था कि कहीं इस बार भी तंज कसने के चक्कर में कोई अनर्थ न हो जाए और पार्टी आलाकमान फिर से कान न उमेठ दे।
मीडिया अगर कर दे बायकाट तो…
मध्यप्रदेश और इंदौर की राजनीति में मंत्रीजी की वर्तमान स्थिति किसी से छुपी नहीं है। अगर मीडिया मंत्रीजी के बयानों और कार्यक्रमों को तवज्जो न दे तो मंत्रीजी कहीं नजर ही नहीं आएंगे। फिर तो पौधारोपण जैसे कार्यक्रमों का बखान भी शहर में ढोल बजाकर ही करना पड़ेगा।
घंटा बजाते रहोगे तो क्या करेंगे मंत्रीजी
आज के बयान में मंत्रीजी की कोई गलती नहीं है। इसी मीडिया ने भागीरथपुरा गंदे पानी कांड में मंत्रीजी का घंटा बजा दिया था। बेचारे करें भी तो क्या करें। किसी भी कार्यक्रम में अपनी भड़ास निकालते हैं, तो मीडियाकर्मी पीछे पड़ जाते हैं। हालांकि मंत्रीजी को प्रचार पाकर काफी खुशी मिलती है, लेकिन कोई-कोई मामला उलझ भी जाता है। जैसे इस बार चौड़ाई ने मंत्रीजी की जुबान की लंबाई-चौड़ाई नाप दी। भाजपा संगठन के बड़े नेता भी नाराज हुए थे।
सीएम के नाम की चिट्ठी किसने पहुंचाई
मीडिया में आज भी एक सवाल गूंज रहा है। मंत्रीजी ने सीएम डॉ.मोहन यादव के नाम एक चिट्ठी लिखी थी। वह एक अखबार में प्रकाशित हुई, फिर पूरे देश की मीडिया में फैल गई। मंत्रीजी को भी खूब आनंद आया, लेकिन जब उनसे सवाल पूछा गया तो वे इनकार कर गए। बोले-कौन सी चिट्ठी, जिसने छापी उससे पूछो। उस चिट्ठी में इंदौर की उपेक्षा को लेकर सीएम मोहन यादव पर अनेकों आरोप लगाए गए थे। अब सवाल यह है कि अगर खबर झूठी थी तो मंत्रीजी ने मीडिया पर कोई केस क्यों नहीं दर्ज कराया।



