इंदौर। मध्यप्रदेश के बड़बोले कैबिनेट मंत्री अपने बयानों से हमेशा चर्चा में रहने की कोशिश करते हैं और कई बार उन्हें बैकफुट पर भी आना पड़ता है। ताजा मामले एक महिला पार्षद पर की गई उनकी टिप्पणी का है। चौड़ाई वाले इस बयान को लेकर कांग्रेस ने मंत्री पर जमकर हमला बोला। बात बड़े नेताओं तक पहुंची और इसके बाद विजयवर्गीय ने माफी मांगी।
विजयवर्गीय अक्सर ऐसे बयान देकर विवादों में रहने की कोशिश करते हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिन पर जमकर बवाल मचा। कई बार तो ऐसा हुआ कि सुर्खियां बटोरने के बाद अचानक वे पलटा मार जाते हैं, लेकिन माफी तभी मांगते हैं जब बड़े नेताओं की तरफ से आदेश आए। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। सूत्र बताते हैं कि चौड़ाई वाला बयान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष तक पहुंचा। वहां से निर्देश के बाद विजयवर्गीय ने एक वीडियो जारी कर अपने बयान पर खेद प्रकट किया है।
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दूसरे नेता होते तो हो जाते पार्टी से बाहर
भाजपा के लोगों का कहना है कि इस तरह का बयान अगर किसी और नेता ने जारी किया होता तो पार्टी उसे बाहर का रास्ता दिखा देती। विजयवर्गीय वरिष्ठ नेता हैं और बार-बार इस तरह के बयान देना उनकी गरिमा के अनुरूप नहीं है। भाजपा नेता यह भी कह रहे हैं कि दरअसल विजयवर्गीय को तारीफ करने के बहाने तंज कसते हुए हर किसी को नीचा दिखाने की आदत बन गई है। इसी का नतीजा है कि हर बार वे कुछ न कुछ उलजलूल बयान दे जाते हैं।
नहीं हो रहा कंट्रोल, तो ले लेते संन्यास
भाजपा के नेता यह भी कह रहे हैं कि उम्र के हिसाब से अब विजयवर्गीय को राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। उम्र का ही तकाजा है कि अब उनकी जुबान पर कंट्रोल भी नहीं है। पार्टी से लेकर शहर में भी उनकी किरकिरी हो रही है। ऐसे में अच्छा होता कि वे किसी को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर खुद राजनीति से किनारा कर लेते। कम से कम वरिष्ठ नेता के रूप में शहर में सम्मान तो बना रहता।
पहले भी महिलाओं पर की है टिप्पणी
महिलाओं के पहनावे को लेकर विजयवर्गीय की टिप्पणियां इससे पहले भी विवाद का विषय रही हैं। जून 2025 में इंदौर के एक कार्यक्रम में उन्होंने पश्चिमी देशों में कम कपड़ों को सुंदरता से जोड़ने की धारणा की आलोचना की और कहा कि वे ऐसे पहनावे को पसंद नहीं करते। इंदौर में दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों से कथित छेड़छाड़ की घटना के बाद विजयवर्गीय ने एक और टिप्पणी की थी। इसमें उन्होंने खिलाड़ियों के होटल से बाहर निकलने से पहले प्रशासन को सूचना देने की बात कही थी।
शूर्पणखा वाली टिप्पणी पर भी मचा था हंगामा
अप्रैल 2023 में इंदौर में हनुमान जयंती के एक कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने युवतियों के पहनावे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अच्छे कपड़े नहीं पहनने वाली लड़कियां उन्हें ‘शूर्पणखा’ जैसी लगती हैं। उन्होंने साथ ही युवाओं के नशे और बच्चों को संस्कार देने की बात भी कही थी। बयान का वीडियो सामने आने के बाद उनकी टिप्पणी पर व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई।
राहुल-प्रियंका पर टिप्पणी से हुआ था विवाद
कैलाश विजयवर्गीय ने सितंबर 2025 में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच सार्वजनिक रूप से स्नेह के प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी की थी। शाजापुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष का नाम लिए बिना कहा था कि आज के विपक्ष के नेता अपनी जवान बहन को सार्वजनिक जगह पर चूमते हैं। उन्होंने इसे भारतीय और विदेशी संस्कृति के अंतर से जोड़ते हुए सार्वजनिक मर्यादा पर सवाल उठाया था। उनके बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे राजनीतिक विमर्श को व्यक्तिगत रिश्तों तक ले जाने वाला बयान बताया।
पूरे देश में बजा था भागीरथपुरा का घंटा
पिछले साल कैलाश विजयवर्गीय की एक टिप्पणी पूरे देश के मीडिया में छाई रही। दरअसल विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र भागीरथपुरा में लोग गंदे पानी से मर रहे थे और इसी दौरान एक पत्रकार ने उनसे सवाल कर लिया। विजयवर्गीय ने उसे जवाब देते हुए कहा था कि घंटा सवाल। इसके बाद पूरे देश में भाजपा की किरकिरी हुई थी और तब भी वरिष्ठ नेताओं ने विजयवर्गीय को समझाइश दी थी।



