रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 नवंबर 2026 को दिवाली के खास अवसर पर सिक्किम में नाथुला सीमा पर जवानों संग दिवाली मनाई। यह कार्यक्रम पूर्वी सिक्किम के शेराथांग अग्रिम सैन्य क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां उन्होंने सीमा सुरक्षा में तैनात सैनिकों से मुलाकात की और उनके समर्पण को सराहा।
नाथुला सीमा पर दिवाली मनाने का महत्व
नाथुला सीमा पर जवानों संग दिवाली समारोह का आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण था क्योंकि यह भारतीय सेना के जवानों के त्याग और देशभक्ति को दर्शाता है। रक्षा मंत्री ने सैनिकों के साथ मिठाइयां बांटी और उन्हें उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उनकी सतत सतर्कता और बलिदान के कारण ही देशवासी अपने घरों में शांति से दिवाली मना पाते हैं।
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इस मौके पर राजनाथ सिंह ने शेराथांग युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जिनका बलिदान देश की सुरक्षा के लिए अमूल्य है।

शेराथांग युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री ने शेराथांग युद्ध स्मारक पर जाकर शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह स्मारक देश के वीर जवानों की बहादुरी और बलिदान की मिसाल है। यहां विभिन्न राज्यों से आए सैनिकों की वीरता का स्मरण किया जाता है, जिन्होंने भारत माता की रक्षा में अपनी जान कुर्बान की।
स्मारक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और समर्पण की प्रेरणा देता है। राजनाथ सिंह ने बताया कि स्मारक में नागालैंड, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान और असम के जवान शामिल हैं, जो एकता और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक हैं।
सेना प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद
इस दौरान रक्षा मंत्री ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बातचीत की। उन्होंने जवानों के मनोबल को बढ़ाने के लिए मिठाइयां बांटी और उनकी मेहनत की प्रशंसा की।
उन्होंने जवानों को याद दिलाया कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है, लेकिन अनुशासन और समर्पण के बिना सफलता संभव नहीं। सैनिकों की वर्दी, व्यवहार और संवाद से ही सेना की छवि बनती है, जो स्थानीय लोगों के दिलों में सम्मान और विश्वास पैदा करती है।

बाबा हरभजन सिंह मंदिर का दर्शन
रक्षा मंत्री ने सिक्किम के पूर्वी सेक्टर में स्थित बाबा हरभजन सिंह मंदिर का भी दौरा किया। यह मंदिर सैनिकों के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। यहां बाबा हरभजन सिंह की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देना सैनिकों के लिए गौरवशाली पल होता है।
मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान रक्षा मंत्री ने जवानों के साहस और उनके परिवारों के समर्थन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आस्था जवानों के मनोबल को और मजबूत बनाती है।
सिक्किम दौरे की पृष्ठभूमि
सिक्किम पहुंचने से पहले, रक्षा मंत्री ने 7 नवंबर 2026 को पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरफील्ड और सुकना क्षेत्र में त्रिशक्ति कोर की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की थी। यह दौरा सीमा सुरक्षा और तैयारियों को मजबूत करने के लिए था।
यह कदम सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा की जिम्मेदारी को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस दौरे से जवानों को भरोसा मिला कि केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा और भलाई के लिए संकल्पित है।
जवानों के बलिदान का देश पर प्रभाव
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों के बलिदान को देश की दिवाली की रोशनी से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जवानों की वजह से ही देशवासी चैन से सो पाते हैं और अपने घरों में दीप जलाते हैं।
जवानों की सतत vigilance और बलिदान के कारण सीमाएं सुरक्षित हैं, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिलता है। उनके समर्पण से देश की एकता और अखंडता बनी रहती है। यह दिवाली समारोह जवानों के साहस और देशभक्ति का प्रतीक रहा।



