सोनिया गांधी ने दिवाली की पुरानी यादें साझा करते हुए दिवाली की परंपराओं को विस्तार से बताया। उन्होंने इंदिरा गांधी के घर की दिवाली की खास परंपराओं का जिक्र किया, जो उनके परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है। यह यादें उन्होंने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष के रूप में रविवार, 8 नवंबर 2026 को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ और ‘इन्स्टाग्राम’ पर एक विशेष वीडियो के माध्यम से साझा कीं।
इंदिरा गांधी के आवास में दिवाली की परंपरा
सोनिया गांधी ने बताया कि दिवाली के दिन सबसे पहला दीया भगवान गणेश की मूर्ति के सामने जलाया जाता था। यह मूर्ति अब उनके वर्तमान निवास पर सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि उस समय घर को आधुनिक लाइटों के बजाय मिट्टी के दीयों से सजाया जाता था। आवास के तालाब, छत, बरामदे और रास्तों पर मिट्टी के दीयों की रोशनी से पूरा माहौल जगमगाता था।
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यह परंपरा परिवार में गहराई से जुड़ी हुई थी, और यह त्योहार को विशेष रूप से मनाने की भावना को दर्शाती थी। सोनिया के अनुसार, यह दिवाली की पुरानी यादें उनके लिए बेहद भावुक और यादगार हैं।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने बताई पटाखों की खरीदारी की यादें
सोनिया गांधी की बेटी और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी दिवाली के त्योहार से जुड़ी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी उन्हें पटाखे खरीदने के लिए चांदनी चौक ले जाया करते थे।
चांदनी चौक की सजीली गलियों में पटाखों की खरीदारी उनके लिए एक खास अनुभव था। प्रियंका ने बताया कि यह पारिवारिक समय उन्हें आज भी बेहद याद आता है, जो दिवाली की खुशियों को दोगुना कर देता था।
सोनिया गांधी को पसंद थीं फुलझड़ियां
सोनिया गांधी ने यह भी बताया कि उन्हें शोरगुल वाले पटाखों के बजाय फुलझड़ियां ज्यादा पसंद थीं। उन्होंने उस समय के दिल्ली के साफ और नीले आसमान को याद किया, जो दिवाली के मौसम को और भी खास बनाता था।
उनके अनुसार, फुलझड़ियां जलाकर वे और उनके परिवार के सदस्य दिवाली की शाम को शांति और सौम्यता के साथ मनाते थे। यह परंपरा उनके दिल के बहुत करीब है।
दिवाली के दौरान पारंपरिक कश्मीरी पकवान की महत्ता
सोनिया गांधी ने दिवाली के खाने-पीने की परंपराओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनके घर में इस त्योहार के दौरान पारंपरिक कश्मीरी पकवान बनते थे।
यह पकवान परिवार के सदस्यों को एक साथ लाने का माध्यम होते थे और त्योहार की मिठास को बढ़ाते थे। कश्मीरी व्यंजनों की खुशबू और स्वाद ने दिवाली को विशेष बना दिया था।
वीडियो संदेश और संस्मरण पुस्तक का संबंध
यह वीडियो संदेश पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आधिकारिक आवास ‘1, सफदरजंग रोड’ के लॉन में रिकॉर्ड किया गया था। सोनिया गांधी के साथ उनकी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा और नवासी मिराया वाड्रा भी वीडियो में मौजूद थीं।
सोनिया गांधी का यह संदेश उनके संस्मरण पुस्तक “Belonging: A Journey of Love” के आगामी विमोचन से ठीक पहले आया है। यह पुस्तक उनके पारिवारिक और राजनीतिक जीवन की गहराई को दर्शाती है।
दिवाली की पुरानी यादें आम जनता के लिए भी प्रेरणा
सोनिया गांधी द्वारा साझा की गई दिवाली की पुरानी यादें आम जनता के लिए भी एक प्रेरणा हैं। वे पारंपरिक मूल्यों और परिवार के साथ त्योहार मनाने की महत्ता को दर्शाती हैं।
इसके अलावा, इस तरह की यादें सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देती हैं, जो आज के आधुनिक युग में भी बेहद आवश्यक हैं।



