मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के टपका बसंतपुर गांव में कब्रिस्तान जमीन विवाद के कारण हिंसक झड़प हुई जिसमें 26 लोग घायल हो गए। यह घटना रविवार सुबह करीब 8:30 बजे से 9:30 बजे के बीच हुई।
कब्रिस्तान जमीन विवाद के कारण विवाद की शुरुआत
टपका बसंतपुर गांव में लगभग 1.75 बीघा जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। पहले पक्ष के फरियादी इलियास अली ने बताया कि जब वे अपने पिता की कब्र पर दुआ पढ़ने गए थे तो दूसरे पक्ष ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में गाली-गलौज और कहासुनी शुरू हो गई।
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इलियास के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपने भाई इफराक अली को बुलाया, जिससे झड़प हिंसक रूप ले गई।

हिंसक झड़प में पथराव, फायरिंग और तोड़फोड़
झड़प के दौरान दोनों पक्षों की ओर से पथराव, लाठी-डंडों से मारपीट, गाड़ियों और घरों में तोड़फोड़ हुई। इसके साथ ही फायरिंग की भी घटनाएं दर्ज हुईं। मारपीट में महिलाएं और 90 वर्षीय बुजुर्ग शमशाद भी घायल हुए।
इस खूनी संघर्ष में कुल 26 लोग घायल हुए, जिनमें पहले पक्ष के 11 और दूसरे पक्ष के 15 लोग शामिल हैं।
पुलिस ने दर्ज की 39 लोगों के खिलाफ FIR
घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर कुल 39 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR में आरोप हैं कि लाठी, डंडे, फरसा, तलवार और लोहे की रॉड से हमला किया गया। साथ ही दो मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस ने गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा है।

घायलों का पक्षवार विवरण
पहले पक्ष के घायलों में बोदर खां, इलियास अली, इफराक अली, कल्लू खां, सलीम खां, सलामुद्दीन, इमरान, नवाब खां, मुबारिक, आरिफ और इरशाद खां शामिल हैं।
दूसरे पक्ष के घायलों में शाहबुद्दीन, रिजवान, फखरुद्दीन, अलाउद्दीन, बिन्यामिन, नईमुद्दीन, दिलशाद, साजिद, भूरी बी, रिहाना बी, सिमरन, यूनुस, उस्मान, शोएब और 90 वर्षीय शमशाद हैं।
कब्रिस्तान जमीन विवाद का सामाजिक असर
कब्रिस्तान की जमीन विवाद ने गांव में सामाजिक वातावरण को तनावपूर्ण कर दिया है। इस तरह के विवाद से स्थानीय लोगों के बीच आपसी विश्वास कमजोर होता है।
आम आदमी की सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है और विकास कार्य भी रुक सकते हैं। इसलिए प्रशासन को इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाना आवश्यक है।
आगे की कार्रवाई और जांच
पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। दोनों पक्षों से विस्तृत बयान लिए जा रहे हैं। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात हैं।
आगे भी प्रशासन विवादित जमीन के दस्तावेजों की जांच कर स्थिति को स्पष्ट करने और पुनः हिंसा को रोकने के प्रयास करेगा।



