प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बस्तर में जवानों संग दिवाली मनाई। इस मौके पर उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को याद करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। यह दिवाली देश के लिए खास है क्योंकि पहली बार हर जिला नक्सलमुक्त हो चुका है।
बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाने का महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार दिवाली का त्योहार बस्तर के जवानों के साथ मनाया है। यह परंपरा 2014 से जारी है, जिसमें वे हर साल सीमांत और संवेदनशील इलाकों में जाकर सुरक्षा बलों के साथ दीपावली मनाते हैं। बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र के करणपुर स्थित कोबरा ऑपरेशंस बेस का दौरा भी उन्होंने किया।
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इस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षण और रणनीतियों का केंद्र है। पीएम मोदी ने जवानों के त्याग और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दिवाली देश के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नक्सलवाद पर निर्णायक विजय मिली है।

नक्सलमुक्त भारत का ऐतिहासिक दावा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में वर्ष 2026 की दिवाली को देश के इतिहास में विशेष बताया। उन्होंने कहा कि दशकों पुरानी नक्सलवादी और माओवादी आतंकवाद की लड़ाई को अंततः देश ने जीत लिया है। देश का हर जिला अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और समर्पण के कारण संभव हुई है। इससे पहले नक्सलियों के आतंक के कारण लाखों लोगों का जीवन प्रभावित था, लेकिन अब वहां विकास की नई उम्मीदें जगी हैं। देशवासियों को इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करना चाहिए।
विपक्ष पर निशाना साधा
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व कांग्रेस सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने नक्सलवाद को ‘लाइलाज बीमारी’ की तरह लिया। उन्होंने कहा कि उस दौर में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण नक्सली हिंसा बढ़ती रही। 2004 से 2013 के बीच सुरक्षाकर्मियों की तुलना में नक्सलियों की मौत कम हुई, जो चिंताजनक था।
मोदी ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि वे इस समस्या को हल करने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए इसका इस्तेमाल करते रहे। उन्होंने कहा कि अब सरकार की सही नीतियों और दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद पर लगाम लगी है।

जवानों को परिवार का हिस्सा बताया
प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों को अपना परिवार बताते हुए कहा कि वे 140 करोड़ देशवासियों की ओर से उनके त्याग और सेवा के लिए आभार व्यक्त करने आए हैं। उन्होंने कहा कि जवान देश की सीमाओं और अंदरूनी सुरक्षा के लिए दिन-रात तैनात हैं।
पीएम ने यह भी कहा कि दिवाली अपनों के साथ खुशियां बांटने का त्योहार है, लेकिन उनके लिए यह त्योहार जवानों के साथ मनाना गर्व की बात है। उनका यह कदम जवानों के मनोबल को बढ़ाने के साथ ही देशवासियों में सुरक्षा का विश्वास जगाता है।
दिमागी नक्सलियों से सावधानी बरतने की चेतावनी
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भले ही जंगलों से नक्सलवाद खत्म हो गया है, लेकिन समाज में भ्रम फैलाने वाले “दिमागी नक्सली” अभी भी देश में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस खतरे से निपटना भी अब सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने जवानों से आग्रह किया कि वे सतर्क रहें और देश की एकता और अखंडता को बनाए रखें। साथ ही, आम जनता से भी इस चुनौती के प्रति जागरूक होने की अपील की।
बस्तर क्षेत्र में विकास की नई राहें खुलीं
प्रधानमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में आए अभूतपूर्व बदलावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जहां कभी नक्सलियों का आतंक था, वहां अब विकास की बहार देखी जा रही है। सुरक्षा बलों के प्रयासों के अलावा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं ने भी इलाके का रुख बदल दिया है।
सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार के क्षेत्र में सुधार से स्थानीय लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। इससे वहां का सामाजिक और आर्थिक माहौल मजबूत हुआ है, जो दीर्घकालिक शांति का संकेत है।



