अखिलेश यादव ने यूपी में भेष बदलकर लूट की बात कही है। उन्होंने कहा कि 2027 में नई सरकार बनाकर प्राथमिक स्कूलों को फिर से खोला जाएगा। यह बयान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इटावा में दिया।
अखिलेश यादव ने भेष बदलकर लूट का आरोप लगाया
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इटावा में कहा कि उत्तर प्रदेश में सरकार भेष बदलकर लूट कर रही है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में चंदा और चढ़ावा की चोरी हो रही है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उनकी यह बात 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सपा की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
👉 यह भी पढ़ें:
- अखिलेश यादव ने उठाया सवाल- 1.27 करोड़ हिंदू वोटर लिस्ट से कैसे गायब?
- गोरखपुर में BJP का शक्ति प्रदर्शन : नितिन नबीन बोले- राहुल फुस्स रॉकेट, अखिलेश हार के बहानेबाज
- रामपुर में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह को ED ने रिहा होते ही किया गिरफ्तार, समर्थकों का हंगामा
- कानपुर में योगी आदित्यनाथ ने कहा- अखिलेश को घुसपैठियों से प्यार
- लखनऊ में अखिलेश यादव बोले- अधिकारी राजनीतिक कार्यकर्ता न बनें, वरना जेल जाएंगे
- अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था पर उठाए 12 सवाल, नोटबंदी से डिजिटल फ्रॉड तक मांगा जवाब
उन्होंने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आम जनता को ठगा जा रहा है और इस तरह की घटनाओं से यूपी की छवि खराब हो रही है। उनकी इस टिप्पणी से चुनावी माहौल गरमाया है।

2027 में नए स्कूल खोलने का वादा
अखिलेश यादव ने 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर लखनऊ में घोषणा की थी कि अगर 2027 में सपा की सरकार बनी तो बंद पड़े 26,000 प्राथमिक सरकारी स्कूलों को पुनः खोल दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ये स्कूल विलय और मर्जर के नाम पर बंद किए गए थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। इस योजना के तहत बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ लैपटॉप भी देने का वादा किया गया है।
पाठशाला पुकारे और PDA पाठशाला आंदोलन
समाजवादी पार्टी ने बंद पड़े स्कूलों के समर्थन में ‘‘पाठशाला पुकारे’’ कार्यक्रम चलाया। साथ ही, राज्य में ‘‘PDA पाठशाला’’ की शुरुआत भी की गई है। यह आंदोलन शिक्षकों और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए शुरू किया गया है।
इस आंदोलन के तहत शिक्षक दिवस से लेकर अब तक कई जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इसका मकसद सरकार पर दबाव बनाकर प्राथमिक शिक्षा पर ध्यान आकर्षित करना है।

अयोध्या सीट पर भाजपा को शून्य पर सीमित करने का दावा
अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों में अयोध्या सीट पर भाजपा को शून्य पर सिमटने का दावा किया है। उनका कहना है कि सपा की सरकार बनने पर इस क्षेत्र में भाजपा की पकड़ कमजोर हो जाएगी।
यह दावा सपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें धार्मिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखा गया है। इससे अयोध्या की राजनीति में नई हलचल दिख सकती है।
सपा छात्रसभा में बदलाव और चुनावी तैयारियां
2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में सपा ने अपने छात्र संगठन ‘‘छात्रसभा’’ की यूनिफॉर्म बदलकर नीले रंग की टी-शर्ट और पैंट कर दी है। यह बदलाव पार्टी के ‘‘PDA’’ समीकरण को मजबूत करने के लिए किया गया है।
साथ ही, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, महिलाओं को सालाना ₹40,000 की आर्थिक मदद और स्वरोजगार के लिए ₹2 लाख की सहायता राशि देने के वादे भी किए गए हैं। ये वादे आम जनता के बीच सपा की पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से हैं।
आम जनता के लिए सपा के वादों का प्रभाव
सपा के इन वादों से खासकर ग्रामीण और गरीब वर्ग को फायदा हो सकता है। प्राथमिक शिक्षा का पुनः शुरू होना बच्चों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा, पुरानी पेंशन योजना और महिलाओं को आर्थिक सहायता देने से सामाजिक सुरक्षा बढ़ेगी। हालांकि, इन वादों को पूरा करना सरकार की बड़ी चुनौती होगी।



