सीईसी ज्ञानेश के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल तेज हो गया है। विपक्षी दल 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकालेंगे। यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नीतियों, खासकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म 6 के संशोधन के खिलाफ है।
विपक्ष की मुख्य मांगों में इस्तीफे और कानूनी कार्रवाई शामिल
विपक्षी दलों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग की है। वे एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोकने की भी मांग कर रहे हैं। इन दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत करोड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने उन्हें पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म 6 के संशोधन को मंजूरी न देना बताया
5 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में उपयोग हो रहे संशोधित फॉर्म 6 को मंजूरी नहीं दी थी। इस पर राहुल गांधी और पवन खेड़ा ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाए कि उन्होंने एकतरफा और अवैध रूप से फॉर्म को बदला है। यह विवाद विपक्ष के आंदोलन को और मजबूती दे रहा है।
कांग्रेस का राष्ट्रीय अभियान “वोट बचाओ, देश बचाओ”
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने घोषणा की है कि पार्टी 10 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक देशव्यापी “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान चलाएगी। इस दौरान देश के ब्लॉक, गांव और दिल्ली तक रैलियां एवं मार्च आयोजित किए जाएंगे। यह अभियान मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए है।

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पर तीन एफआईआर दर्ज की हैं। इस दौरान कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी के आरोपों की जांच भी पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। विरोध की तैयारी के तहत 10 अक्टूबर को दिल्ली में एक बड़ा मार्च आयोजित किया जाएगा।
बिहार और महाराष्ट्र में भी विरोध के कार्यक्रम
विपक्ष के आंदोलन का असर बिहार और महाराष्ट्र तक फैला है। 8 अक्टूबर को पटना में ‘लोकभवन मार्च’ निकाला जाएगा। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘दिल्ली कूच’ का ऐलान किया है। यह विरोध प्रदर्शन सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा है।
चुनाव आयोग में आंतरिक असहमति और मीडिया की भूमिका
चुनाव आयोग के भीतर सीईसी ज्ञानेश कुमार और अन्य आयुक्तों के बीच असहमति सार्वजनिक हो गई है। आयोग ने संकेत दिया है कि एसआईआर प्रक्रिया की खामियों को दुरुस्त किया जा रहा है। हालांकि, एक महिला पत्रकार की खोजी रिपोर्ट ने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह विवाद विपक्ष के लिए एक मजबूत राजनीतिक मुद्दा बन गया है।



