👉 यह भी पढ़ें:
- आरटीओ के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा के परिवार वालों को मिली जमानत, 10-10 लाख का बॉन्ड भरवाया
- सौरभ शर्मा के मामले में लोकायुक्त की लापरवाही, दो महीने बाद भी पेश नहीं किया चालान, कोर्ट ने दे दी जमानत
- सौरभ शर्मा मामले में विधानसभा में विपक्ष का हंगामा, सीबीआई जांच की मांग को लेकर किया वॉक आउट
- आरटीओ को पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ी, पूछताछ में नहीं हो पाया कोई बड़ा खुलासा
- आरटीओ के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा और उसके दोनों साथी 14 दिन के लिए फिर गए जेल, ईडी की पूछताछ में कई खुलासे
- आरटीओ के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा और उसके दो साथी 17 फरवरी तक ईडी के शिकंजे में, कोर्ट ने रिमांड पर सौंपा
0:00 left
भोपाल। आरटीओ के करोड़पति पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा भोपाल पहुंच गया है। बताया जाता है कि सोमवार को वह अपने वकील के साथ सरेंडर करने कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने मंगलवार को उसे बुलाया है।
सूत्रों के मुताबिक सौरभ शर्मा दोपहर 12:30 बजे के करीब सरेंडर करने फर्स्ट एडीजे की कोर्ट में पहुंचा था यहां सौरभ के वकील ने सरेंडर के लिए आवेदन दिया। वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि सौरभ लोकायुक्त के आय से अधिक संपत्ति के एक प्रकरण में फरार चल रहा है। वह अंडर इंवेस्टिगेशन है। वकील ने कोर्ट को बताया कि केस से जुड़े तमाम डॉक्यूमेंट लोकायुक्त के पास है। कोर्ट ने मंगलवार की सुबह लोकायुक्त के अधिकारियों को डायरी के साथ पेश होने के आदेश दिए हैं। इसी के साथ सौरभ के वकील को भी मंगलवार की सुबह केस की सुनवाई के संबंध में दोबारा कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
अब तक सौ करोड़ से ज्याद की संपत्ति बरामद
सौरभ शर्मा के ठिकानों पर लोकायुक्त, ईडी और आयकर विभाग ने छापा मारा था। इसके ठिकानों से करीब 100 करोड़ की संपत्ति मिल चुकी है। लोकायुक्त की टीम ने 19 दिसंबर को आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के भोपाल की अरेरा कॉलोनी स्थित घर और ऑफिस पर छापा मारा था। टीम को इन ठिकानों से 2.95 करोड़ रुपए कैश, करीब 50 लाख रुपए के सोने–चांदी के जेवरात और 234 किलो चांदी सहित अन्य प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे। इसी दिन आधी रात के बाद भोपाल के ही मेंडोरी इलाके में जंगल में लावारिस खड़ी कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए कैश मिले थे। ये कार सौरभ शर्मा के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम है। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सौरभ और उसके परिवार व परिचित के यहां छापा मारा था। इस दौरान जांच एजेंसी को कैश समेत 23 करोड़ की संपत्ति मिली थी। लोकायुक्त के छापे के बाद से ही सौरभ फरार था।



