पेरम्बलूर: तमिलनाडु के पेरम्बलूर जिले में शनिवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। चेन्नई से मदुरै जा रही एक प्राइवेट स्लीपर कोच बस में अचानक भीषण आग लग गई। घटना के समय बस में 23 यात्री सवार थे। हालांकि, ड्राइवर की सतर्कता और समय रहते बस रोकने के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
सुबह करीब 5:30 बजे बस में लगी आग
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अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे हुई। प्राइवेट स्लीपर कोच बस चेन्नई से यात्रियों को लेकर मदुरै की ओर जा रही थी। इसी दौरान पेरम्बलूर जिले के मंगलमेडु के पास चेन्नई-तिरुचिरापल्ली नेशनल हाईवे पर बस में अचानक आग लग गई।
आग लगने के बाद बस में मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए ड्राइवर ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया और यात्रियों को बाहर निकलने के लिए कहा।
बस में सवार थे 23 यात्री
जानकारी के अनुसार, घटना के समय बस में कुल 23 यात्री सवार थे। ड्राइवर की तत्परता के चलते सभी यात्रियों को समय रहते बस से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बस से सभी यात्रियों के बाहर निकलने के कुछ ही समय बाद आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरी बस आग की चपेट में आ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।
फायर सर्विस की टीम ने बुझाई आग
आग लगने की सूचना मिलते ही फायर एंड रेस्क्यू सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद बस में लगी आग पर काबू पाया।
आग की वजह से बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
हाईवे पर लगा ट्रैफिक जाम
बस में आग लगने की घटना के बाद चेन्नई-तिरुचिरापल्ली नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। आग की लपटों और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य के चलते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात को सामान्य कराने की कोशिश की।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बस में आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग बस में किस वजह से लगी। पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की सही वजह सामने आ सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों, खासकर स्लीपर कोच बसों में फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इस मामले में ड्राइवर की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया और सभी 23 यात्रियों की जान बच गई।
अब सवाल आपसे…
क्या आपको लगता है कि लंबी दूरी की स्लीपर बसों में फायर सेफ्टी नियमों और सुरक्षा जांच को और सख्त किया जाना चाहिए?
क्या यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर स्लीपर बस में फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट और नियमित सेफ्टी चेक अनिवार्य होने चाहिए? आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं। क्या आपने कभी बस यात्रा के दौरान ऐसी कोई आपात स्थिति देखी है? अपना अनुभव भी हमारे साथ साझा करें।



