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पटना। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को बिहार में थे। अररिया में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने फिर से घुसपैठियों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अन्य दलों के लिए चुनाव सिर्फ अपनी पार्टी को जिताने का अवसर होता है, लेकिन भाजपा के लिए यह चुनाव घुसपैठियों को बाहर करने का अभियान है। उन्होंने वादा किया कि अगर कार्यकर्ता एनडीए को एक–तिहाई बहुमत से जिताते हैं तो वे घुसपैठियों को ढूंढ–ढूंढकर बाहर करेंगे।
शाह ने कहा कि यहां राहुल बाबा के यात्रा का उद्देश्य था कि घुसपैठिए जो बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल से आए हैं, उनको मत का अधिकार मिले। लालू यादव और राहुल गांधी घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं, मैं उन्हें निकालना चाहता हूं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि राहुल गांधी बिहार में कहीं भी यात्रा निकाल दो, ये घुसपैठिये बच नहीं पाएंगे। यह बिहार को प्रगति पर ले जाने, घुसपैठिये को निकालने और लालू राज–जंगल राज न आए इसका चुनाव है, देश को और मोदी जी को मजबूत करने का यह चुनाव है।
बाढ़ की समस्या से मुक्ति दिलाने का चुनाव
शाह ने अपने भाषण में कहा कि जहां लालू प्रसाद यादव और राहुल गांधी जैसे नेताओं की पार्टियां केवल नेताओं के आधार पर चुनाव जीतने की कोशिश करती हैं, वहीं भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जिसे चुनाव जिताने का दम नेताओं में नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं में होता है। यह चुनाव बिहार को बाढ़ की समस्या से मुक्ति दिलाने का चुनाव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि इस बार बिहार में चार दिवाली मनाई जाए। पहली दिवाली तब होगी जब भगवान राम अयोध्या लौटेंगे। दूसरी दिवाली तब मनी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीविका दीदियों के खातों में दस–दस हजार रुपये भेजे। तीसरी दिवाली तब मनाई गई जब जीएसटी में तीन सौ पचास वस्तुओं के दाम घटाए गए। चौथी दिवाली तब मनाई जाएगी जब 160 से अधिक सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित होगी और सरकार बनेगी।



