लाखों यूजर्स के लिए राहत की खबर है। NEET UG 2026 Re-Exam के बाद भारत में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध हटा दिया गया है। हालांकि, बैन हटने के बाद भी कई सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि उनके टेलीग्राम अकाउंट अब भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर टेलीग्राम पर बैन क्यों लगाया गया था और अब भी कुछ लोगों को परेशानी क्यों हो रही है?

NEET परीक्षा से पहले सरकार ने क्यों उठाया बड़ा कदम?
👉 यह भी पढ़ें:
- US Sanctions on Russia: रूस से तेल खरीदने पर भारत पर भी टैरिफ की तैयारी? अमेरिकी सीनेट में नया बिल, जानिए क्या होगा असर
- IND vs ENG 1st ODI: शुभमन गिल, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर का धमाका, भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर सीरीज में बनाई 1-0 की बढ़त
- Hormuz Strait Attack: होर्मुज में तेल टैंकर पर मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत, भारत ने ईरानी राजनयिकों को किया तलब
- El Nino Alert 2026: 75 साल का सबसे खतरनाक अलनीनो! भारत में खेती से बिजली तक मचेगा संकट, दुनिया पर भी पड़ेगा बड़ा असर?
- UNSC Election 2028: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत का बड़ा एजेंडा, आतंकवाद, Maritime Security और AI Governance पर दुनिया को दिया संदेश
- PM Modi का बड़ा ऐलान! भारत-न्यूजीलैंड बने Strategic Partners, FTA, Direct Flights और ₹35,000 करोड़ व्यापार लक्ष्य पर ऐतिहासिक समझौता
केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत आदेश जारी कर 22 जून तक भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक लगा दी थी।
सरकार का कहना था कि 21 जून को आयोजित NEET UG Re-Exam की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था। अधिकारियों को आशंका थी कि कुछ टेलीग्राम चैनलों का इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी प्रश्नपत्र, परीक्षा से जुड़ी गलत जानकारी और संगठित नकल गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
एडिट फीचर पर भी लगा था प्रतिबंध
सिर्फ प्लेटफॉर्म तक पहुंच ही नहीं, बल्कि सरकार ने एक अलग आदेश के जरिए 30 जून तक टेलीग्राम के संदेश संपादन (Edit Message) फीचर पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए थे।
अधिकारियों का मानना था कि एडिट फीचर के जरिए संदेशों के समय और सामग्री में बदलाव कर गलत जानकारी फैलाने या परीक्षा से जुड़े फर्जी दावे करने की संभावना बढ़ सकती है।
टेलीग्राम ने क्या कहा?
टेलीग्राम ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करना उचित नहीं है। कंपनी का दावा था कि उसने NEET से जुड़ी अवैध और संदिग्ध सामग्री वाले 900 से अधिक लिंक पहले ही हटा दिए थे।
कंपनी के अनुसार, वह ऐसे कंटेंट की पहचान और कार्रवाई के लिए एआई, मशीन लर्निंग टूल्स और मानवीय निगरानी का इस्तेमाल कर रही थी।
दिल्ली हाई कोर्ट में भी पहुंचा मामला
टेलीग्राम ने इस प्रतिबंध को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, Delhi High Court ने कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद निर्धारित अवधि तक प्रतिबंध लागू रहा।
फिर भी क्यों नहीं चल रहे कुछ अकाउंट?
विशेषज्ञों का मानना है कि बैन हटने के बाद भी कुछ यूजर्स को तकनीकी कारणों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के नेटवर्क अपडेट, कैशिंग समस्याओं या ऐप अपडेट में देरी की वजह से अस्थायी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
बड़ा सवाल: सुरक्षा बनाम डिजिटल स्वतंत्रता?
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है, लेकिन क्या किसी परीक्षा की सुरक्षा के लिए पूरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अस्थायी प्रतिबंध लगाना सही कदम है? यह बहस अब फिर तेज हो गई है।
आपकी राय क्या है?
क्या परीक्षा में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर अस्थायी बैन लगाना सही है, या इससे करोड़ों आम यूजर्स के डिजिटल अधिकार प्रभावित होते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



