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नई दिल्ली। संसद में जल्द ही पेश होने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) बिल को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो पन्नों के पत्र को शेयर किया है, इसमें उन्होंने कई सवाल उठाए हैं।
थरूर ने पत्र में सीएपीएफ के पूर्व सैनिकों (सीनियर्स) से प्राप्त एक प्रतिनिधित्व को साझा किया गया है। इस पत्र में सेवा संबंधी और संस्थागत मुद्दों पर चिंता जताई गई है। थरूर ने अपने पत्र के जरिए गृह मंत्रालय से आग्रह किया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के सीनियर्स की इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाए और उन्हें उचित समाधान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन बलों के जवान देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके हितों और समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान देना जरूरी है। थरूर द्वारा अमित शाह को लिखे गए पत्र में कहा गया कि सीएपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, इसलिए उनके सेवा ढांचे में सुधार और समानता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। थरूर ने पत्र में 23 मई 2025 के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया गया है, जिसमें सीएपीएफ के कार्यकारी कैडर के अधिकारियों को ‘ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ए सर्विस’का दर्जा दिया गया था। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि आईजी रैंक तक आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को चरणबद्ध तरीके से कम किया जाए। थरूर ने चिंता जताई है कि इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिसके चलते अवमानना याचिका भी दायर की गई है। इसके साथ ही थरूर ने कई और मुद्दे उठाए हैं।



