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नई दिल्ली। पहलगाम हमले के बाद बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (एनएसएबी) का पुनर्गठन किया गया है। रॉ के पूर्व प्रमुख आलोक जोशी को इसका चेयरमैन बनाया गया है। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीसीएस की बैठक में यह फैसला लिया था।
एनएसएबी बोर्ड में और भी कई परिवर्तन किए गए हैं। पूर्व पश्चिमी वायु सेना कमांडर एयर मार्शल पीएम सिन्हा, पूर्व दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह और रियर एडमिरल मोंटी खन्ना अब बोर्ड का हिस्सा होंगे। ये सभी सैन्य सेवाओं से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके अलावा राजीव रंजन वर्मा और मनमोहन सिंह भी बोर्ड में शामिल हैं। ये दोनों भारतीय पुलिस सेवा (आईपीए) से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवानिवृत्त आईएफएस अफसर बी वेंकटेश वर्मा भी सात सदस्यीय बोर्ड का हिस्सा हैं। एनएसएबी का मुख्य काम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को लंबे समय के लिए विश्लेषण देना है। साथ ही, यह परिषद द्वारा उठाए गए मुद्दों पर समाधान सुझाता है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद अपने आवास पर सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक की थी। इस बैठक बैठक के साथ-साथ कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स (सीसीपीए) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (सीसीईए) की बैठक भी हुई थी। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने एक और बैठक की थी। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेना प्रमुख शामिल हुए थे। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री ने सीसीएस की बैठक में अनिल जोशी को एनएसएबी का चेयरमैन बनाने का फैसला लिया था।



