US-Iran Conflict Latest News: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच अमेरिकी सेना ने रविवार सुबह ईरान के दो हमलावर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। यह घटना दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) के पास हुई, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये दोनों “वन वे अटैक ड्रोन” अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे थे। अमेरिकी सेना ने इन्हें समय रहते नष्ट कर दिया और क्षेत्र में अपनी उच्च सतर्कता बनाए रखने की बात कही है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य घटनाओं ने पूरे मध्य पूर्व को तनाव के घेरे में ला दिया है। इससे पहले अमेरिकी सेना ने दावा किया था कि उसने ईरान की ओर से दागी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को भी इंटरसेप्ट किया था।
मामला तब और गंभीर हो गया जब अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान समर्थित बलों और ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर किए गए हमले अमेरिकी कार्रवाई का जवाब थे।
उधर पाकिस्तान भी कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी हाल के सप्ताहों में तीसरी बार तेहरान पहुंचे हैं और क्षेत्रीय तनाव कम करने के प्रयासों में जुटे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती सैन्य गतिविधियां वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकती हैं। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
सबसे बड़ा सवाल…
क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध का संकेत है? क्या मध्य पूर्व में फिर से ऐसा संकट खड़ा हो सकता है जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़े?
आपकी क्या राय है? क्या दोनों देशों को तुरंत बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए या हालात और गंभीर हो सकते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।


