संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने होर्मुज स्ट्रेट में उसके दो तेल टैंकरों पर हुए मिसाइल हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना के बाद Middle East Crisis, Iran-UAE Tension और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं।
अमीरात और बहरीन के अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि आठ अन्य घायल हुए हैं।
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बहरीन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि “मोंबासा” और “बाहिया” नाम के दो तेल टैंकरों को ईरान की ओर से दागी गई दो क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया गया। मंत्रालय के अनुसार, हमला होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से और ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुआ।
दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बयान जारी कर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि जिन जहाजों को निशाना बनाया गया, वे समुद्री नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
हालांकि, ईरानी सैन्य सूत्रों से जुड़ी समाचार एजेंसियों ने केवल इतना कहा कि “नियमों का उल्लंघन करने वाले कई जहाजों पर हमला किया गया”, लेकिन हमले के स्रोत या जिम्मेदार पक्ष के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
इससे पहले ब्रिटेन की यूके मरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने मंगलवार सुबह ओमान के कलहात से 40 नौटिकल मील उत्तर-पूर्व में एक समुद्री घटना की सूचना जारी की थी।
यूकेएमटीओ के अनुसार, एक तेल टैंकर के कप्तान ने बताया कि एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल जहाज के इंजन रूम के दाहिने हिस्से से टकराया। संगठन ने स्पष्ट किया कि घटना के बावजूद सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और जहाज पर मौजूद हैं।
इस हमले ने एक बार फिर Global Oil Supply को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
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