‘एंटी-इस्टेब्लिशमेंट’ बनाम ‘पॉजिटिव पॉलिटिक्स’! BJP अध्यक्ष का बड़ा हमला, क्या युवाओं की राजनीति पर छिड़ गई नई जंग?

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BJP Latest News: देश की राजनीति में युवाओं की भूमिका को लेकर नई बहस छिड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिना नाम लिए उन समूहों और अभियानों पर निशाना साधा है, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को व्यवस्था-विरोधी राजनीति की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

नितिन नबीन ने कहा कि कुछ लोगों ने देश के युवाओं को “एंटी-इस्टेब्लिशमेंट” यानी व्यवस्था-विरोधी का नाम दे दिया है, जबकि भारत का युवा निर्माण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए जाना जाता है।

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उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई और सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया।

नितिन नबीन ने कहा, “भारत का युवा देश के निर्माण के लिए काम करेगा, न कि नकारात्मक राजनीति का हिस्सा बनेगा। कुछ लोग युवाओं को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन देश का युवा सकारात्मक राजनीति में विश्वास रखता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

बीजेपी अध्यक्ष ने बिना किसी संगठन का नाम लिए तीखा हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग विदेश में बैठकर यह सोचते हैं कि वे भारत के युवाओं को दिशा देंगे, लेकिन देश का युवा किसी की कठपुतली बनने वाला नहीं है।

साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की भूमिका पर भी जोर दिया। नितिन नबीन ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग देश और युवाओं के निर्माण के लिए होना चाहिए, न कि उन्हें नकारात्मक सोच और टकराव की राजनीति की ओर धकेलने के लिए।

इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या देश में युवाओं की राजनीति अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है, जहां “व्यवस्था परिवर्तन” और “राष्ट्र निर्माण” की दो अलग-अलग विचारधाराएं आमने-सामने दिखाई दे रही हैं।

सबसे बड़ा सवाल…

क्या युवाओं का व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना लोकतंत्र की ताकत है, या उन्हें केवल सकारात्मक और रचनात्मक राजनीति पर ही ध्यान देना चाहिए?

आपकी क्या राय है? क्या सोशल मीडिया आज युवाओं को जागरूक बना रहा है या उन्हें राजनीतिक रूप से भटका रहा है? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

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