भोपाल। बैतूल के विधायक हेमंत खंडेलवाल अब मध्यप्रदेश में भाजपा की कमान संभालेंगे। इसका फैसला कल नामांकन के दौरान ही हो गया था, क्योंकि खंडेलवाल के अलावा किसी और ने नामांकन दाखिल नहीं किया था। आज भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यसमिति की बैठक में हेमंत खंडेलवाल को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित निर्वाचन समारोह में उन्हें प्रमाण पत्र दिया और फूल माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा, नरोत्तम मिश्रा सहित तमाम दिग्गज मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि हेमंत खंडेलवाल के सक्रिय राजनीतिक सफर की शुरुआत 2008 में हुई थी। दरअसल, पिता विजय कुमार खंडेलवाल के निधन से बैतूल लोकसभा सीट खाली हो गई। इस दौरान हुए उपचुनाव में भाजपा ने हेमंत खंडेलवाल को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा और वे जीत गए। इसके बाद वे 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हेमंत वागद्रे को हराकर विधायक बने और 2018 तक बैतूल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 2018 के विस चुनाव में भाजपा ने उन्हें फिर से प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार वे कांग्रेस के निलय डागा से चुनाव हार गए। पांच साल बाद 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर खंडेलवाल पर भरोसा जताया। इस दौरान उन्होंने निलय डागा को हराकर अपनी पारिवारिक सीट पर फिर से कब्जा कर लिया।
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सीएम मोहन यादव की और बढ़ी ताकत
हेमंत खंडेलवाल के प्रदेश अध्यक्ष बनने से सीएम डॉ.मोहन यादव की ताकत और बढ़ी है। खंडेलवाल सीएम यादव की पसंद हैं और संघ ने भी उनके नाम पर मुहर लगाई थी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अब सत्ता और संगठन में और बेहतर संतुलन बनेगा। सीएम के खास होने के कारण खंडेलवाल संगठन में भी सीएम की पसंद-नापसंद का ख्याल रखेंगे। इसके साथ ही संगठन स्तर पर सत्ता के राह में आ रही हर बाधा को दूर करने का प्रयास करेंग। इससे मध्यप्रदेश के विकास की रफ्तार और तेज होगी।



