Film-review

आखिर हिन्दी फिल्म वाले भूतों का स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग ऊंचा क्यों नहीं उठा पाए, फिर वही जूना भूत, पुराना बंगला

- डॉ.प्रकाश हिन्दुस्तानी, वरिष्ठ पत्रकार हिन्दी फिल्म वाले दशकों बाद भी  भूतों का स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग  ऊंचा नहीं उठा पाए हैं।  बेचार भूतों  को अब...

कमजोर स्क्रीनप्ले और लॉजिक की कमी के कारण एक यादगार लव स्टोरी बनते-बनते रह गई ‘डकैत: एक प्रेम कथा’

-डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी, वरिष्ठ पत्रकार एक  इंटेंस और इमोशनल एक्शन-रोमांस फिल्म है, जो  प्यार, धोखे, गुस्से और बदले की  कहानी है।  वक्त और हालात कैसे...

अझेलनीय है जूनियर एनटीआर की फिल्म-देवरा, अभी तो पार्ट वन ही आया है…

वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिन्दुस्तानी की नजर में जूनियर एनटीआर की फिल्म-देवरा

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