भोपाल। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली और अवैध शराब से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने सागर संभाग के प्रशासन और पुलिस नेतृत्व में भी बदलाव किया है। दिलीप कुमार ने सागर संभाग आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल ली है, जबकि इरशाद वली को सागर संभाग का नया पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) बनाया गया है।
सरकार के इस फैसले को सागर शराब कांड में जवाबदेही तय करने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया है कि आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ और प्रशासनिक लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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न्यायिक जांच से खुलेंगे सारे राज
सागर के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन के बाद बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने और कई मौतों के बाद प्रशासन पहले ही जांच के घेरे में था। जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। अब मुख्यमंत्री स्तर से न्यायिक जांच के आदेश दिए जाने के बाद जांच का दायरा और गंभीर हो गया है। जांच में यह देखा जाएगा कि लोगों की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था, शराब कहां से आई, उसका निर्माण और वितरण किस नेटवर्क के जरिए हुआ और इस पूरे मामले में प्रशासन, पुलिस तथा आबकारी विभाग की भूमिका क्या रही।
पहले आबकारी अफसरों पर गिरी गाज
घटना के बाद सरकार ने आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। सहायक आबकारी आयुक्त समेत तीन अधिकारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई थी, जबकि एक अधिकारी को ग्वालियर अटैच किया गया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई का सिलसिला आगे बढ़ा। बंडा के एसडीओपी और एसडीएम को हटाया गया था।
प्रशासनिक फेरबदल कर दिया बड़ा संदेश
मुख्यमंत्री के ताजा फैसले में सागर संभाग के प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व में बदलाव को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिलीप कुमार को संभाग आयुक्त और इरशाद वली को आईजी की जिम्मेदारी दिए जाने से सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पूरे संभाग में अवैध शराब के नेटवर्क और उससे जुड़े प्रशासनिक पहलुओं की निगरानी अब उच्च स्तर से होगी। मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है—लापरवाही, अनियमितता और अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस रहेगा। जहां भी जिम्मेदारी तय होगी, वहां कार्रवाई की जाएगी।
सिर्फ शराब बेचने वालों तक सीमित नहीं रहेगी जांच
सागर कांड की जांच अब केवल शराब बेचने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहने वाली है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है और अवैध शराब के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। ताजा कार्रवाई में बंडा और विनायका थाना क्षेत्रों में कथित अंतरराज्यीय अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। मामले में उत्तर प्रदेश के ललितपुर कनेक्शन को लेकर भी विवाद सामने आया है। मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से ललितपुर कनेक्शन की बात कही गई, जबकि उत्तर प्रदेश के ललितपुर प्रशासन ने इस दावे पर आपत्ति जताई है। ऐसे में न्यायिक जांच के दौरान यह पहलू भी महत्वपूर्ण रहेगा कि शराब का वास्तविक स्रोत क्या था और इसका नेटवर्क किन-किन इलाकों तक फैला था।



