नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला किया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ पूरा सिस्टम ही जानलेवा बन चुका है। बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एके 47 से गोलियां चलने की खबरें सामने आई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। दिल्ली में पेलेट गन चलाई गई थी।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछा कि छात्रों पर एफआईआर न करने और उन्हें रिहा करने का वादा कहां गया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी बातों से पीछे हट रही है और छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि छात्रों के खिलाफ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा हो गया है
👉 यह भी पढ़ें:
- सिर्फ मीडिया में बयान देने से कुछ नहीं होगा उमंग सिंघारजी, विपक्ष का धर्म निभाइए, मैदान में जाइए
- इंदौर में BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा विपक्ष को देश की प्रगति से बेचैनी
- नितिन नवीन के कार्यक्रम के लिए आईडीए से नहीं ली कोई अनुमति, राहुल गांधी की राह में अटकाते रहे रोड़ा
- कहीं राहुल गांधी के कार्यक्रम से डर तो नहीं गई भाजपा, आनन-फानन में नितिन नवीन के दौरे का क्या अर्थ लगाएं?
- भाजपा इंदौर की नगर कार्यसमिति घोषित, कांग्रेस से आए कई नेताओं को स्थान
- राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले ‘लेटर वॉर’
मोदी सरकार से पूछा वादा कहां गया
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि छात्रों पर कोई एफआईआर नहीं करने और उन्हें रिहा करने का वादा आखिर कहां गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके उलट छात्रों पर घातक हमले किए जा रहे हैं और उनके साथ बर्बरता हो रही है।
दिल्ली से बिहार तक एक जैसा पैटर्न
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में एके 47 से गोली चलने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और दिल्ली समेत हर जगह एक जैसा पैटर्न दिखाई दे रहा है। राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी उन्होंने कहा था कि यह सरकार झूठे वादे करती है। उनके मुताबिक सरकार सुधार करने में सक्षम नहीं है और हर तरीके से छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से देश के छात्रों से माफी मांगने और छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।



