इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 12 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर इंदौर में सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। कार्यक्रम स्थल को लेकर शुरू हुई भाजपा-कांग्रेस की खींचतान अब चिट्ठियों के जरिए एक-दूसरे पर हमले तक पहुंच गई है। पहले भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर कार्यक्रम के लिए वैकल्पिक स्थान सुझाए। इसके जवाब में कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े ने मिश्रा पर निशाना साधा। अब भाजयुमो नगर अध्यक्ष सौगात मिश्रा ने वानखेड़े को पत्र लिखकर कांग्रेस और राहुल गांधी के कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं।
वानखेड़े बोले-भाजपा की बेचैनी दिखी
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भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने तंज कसते हुए कार्यक्रम के लिए कई स्थान सुझाए थे। इसका जवाब देते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने अपने जवाबी पत्र में कहा कि सुमित मिश्रा द्वारा जीतू पटवारी को लिखा गया पत्र इस बात का संकेत है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की सफलता को लेकर भाजपा की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कार्यक्रम में 50 हजार युवाओं की संभावित मौजूदगी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा को इंदौर के विद्यार्थियों और युवाओं की बढ़ती भागीदारी की चिंता हो रही है। वानखेड़े ने अपने पत्र में पूर्व में नेहरू स्टेडियम में हुए कार्यक्रमों का उल्लेख किया है, जिसमें 40 से 50 हजार लोगों के शामिल होने की जिक्र है। उन्होंने भाजपा पर युवाओं के मुद्दों से संवाद के बजाय राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि युवाओं के प्रति सरकार की नीति न्यायपूर्ण होनी चाहिए।
सौगात मिश्रा का पलटवार-राहुल की यात्रा से कांग्रेस को चिंता
वानखेड़े के पत्र के बाद भाजयुमो नगर अध्यक्ष सौगात मिश्रा ने उन्हें संबोधित करते हुए जवाबी पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि इतिहास गवाह है राहुल गांधी की किसी भी यात्रा से भाजपा को कभी कोई चिंता नहीं होती, चिंता तो कांग्रेस को होती है। पूरा देश जानता है कि राहुल गांधी कांग्रेस के विसर्जन की गांधीजी की अंतिम इच्छा को पूर्ण करने में लगे है। सब जानते है कि राहुल गांधी की सभा में लोग मनोरंजन के लिए जाते है और वो मनोरंजन करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। सुमित मिश्रा ने आपके प्रदेश अध्यक्ष को बहुत शुभ भाव से पत्र लिखा था पर शायद अब आप सब लोग अपनी पार्टी को तेल लेने भेजना चाहते है, इसलिए सौजन्यता का भाव भी आपको हल्की भाषा लगता है। मुझे लगता है आप लोग प्रदेश की मातृशक्ति पर शराबी होने का झूठा लांछन लगाकर माताओं और बहनों को अपमानित करने वाले आपके प्रदेश अध्यक्ष की भाषा और भाव को ही श्रेष्ठ मानते हैं। आप तैयारी रीजनल पार्क मुक्ति धाम के सामने की जमीन पर कर रहे हैं और चिट्ठी स्टेडियम के लिए लिख रहे हैं। सौगात ने लिखा है कि पिछले 7 साल में जब भी राहुल जी या प्रियंका जी इंदौर आए हैं उन्होंने कभी भी देवी अहिल्या माता को नमन नहीं किया है, उनसे कहिएगा इस बार कर लें। जिससे उनका जीवन सफल हो जाएगा।
कार्यक्रम स्थल बना सियासी अखाड़ा
दरअसल, राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम की अनुमति मांगी है। अभी तक अनुमति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस को वैकल्पिक स्थान सुझाते हुए अभय प्रशाल, दशहरा मैदान और सुपर कॉरिडोर का विकल्प दिया था। उनका कहना था कि यदि बड़ी संख्या में युवा जुटने हैं तो सुपर कॉरिडोर अधिक उपयुक्त रहेगा। कांग्रेस की ओर से इसे भाजपा की बेचैनी बताया गया, जबकि भाजपा का कहना है कि वह केवल आयोजन के लिए व्यावहारिक विकल्प सुझा रही है। इस पूरे विवाद ने राहुल गांधी के दौरे से पहले ही इंदौर की राजनीति को गरमा दिया है।
सबकी नजर अब राहुल के कार्यक्रम पर
राहुल गांधी के कार्यक्रम में कांग्रेस करीब 50 हजार विद्यार्थियों और युवाओं को जोड़ने की तैयारी कर रही है। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद प्रस्तावित है। ऐसे में कार्यक्रम का स्थल तय होने से पहले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच शुरू हुई चिट्ठियों की यह जंग आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि राहुल गांधी का कार्यक्रम कहां होगा, बल्कि यह भी है कि 12 सितंबर को जुटने वाली युवाओं की भीड़ को भाजपा और कांग्रेस किस तरह अपने-अपने राजनीतिक संदेश के लिए इस्तेमाल करती हैं।



