इंदौर में मौसम बदलने से वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जा रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, जुकाम, तेज बुखार और खांसी के मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
अस्पतालों में मरीजों की संख्या में उछाल
इंदौर के अस्पतालों में वायरल बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉ. आंबेडकर नगर (महू) के मध्य भारत अस्पताल में हर दिन 400 से 500 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इनमें से आधे से अधिक मरीज मौसमी बुखार और वायरल बीमारियों से ग्रसित हैं।
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डॉ. अमित सोनी के अनुसार, मानसून के बदलते पैटर्न और धूप-उमस के कारण मौसमी बीमारियों में इजाफा हो रहा है।

तापमान और गंभीर लक्षण
वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों का तापमान 102 से 103 डिग्री फारेनहाइट तक दर्ज किया जा रहा है। कई मामलों में फेफड़ों में संक्रमण और निमोनिया के लक्षण विकसित हो रहे हैं।
डॉ. तनय जोशी बताते हैं कि बुजुर्ग और पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है।
संक्रमण के प्रमुख माध्यम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसमी वायरल खांसी और छींक के ड्रॉपलेट्स से फैल रहा है। इसके चलते डॉक्टरों ने भीड़भाड़ में मास्क पहनने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।

सबसे अधिक प्रभावित वर्ग
इस संक्रमण से मुख्य रूप से बच्चे, बुजुर्ग और शुगर, ब्लड प्रेशर व हृदय रोग जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग प्रभावित हो रहे हैं।
डॉक्टरों की सलाह है कि इन वर्गों के लोग विशेष सावधानी बरतें।
आगे की संभावनाएं
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में और बदलाव होने पर संक्रमण के मामलों में और वृद्धि हो सकती है।
इसलिए, लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और लक्षण नजर आते ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।



