नई दिल्ली/उत्तराखंड: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अंकिता के परिवार से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि घटना को चार साल बीत जाने के बावजूद परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि वह दो दिन पहले अंकिता भंडारी के परिवार से मिले। उन्होंने 19 वर्षीय अंकिता को याद करते हुए कहा कि वह पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं।
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राहुल गांधी के अनुसार, अंकिता ने एक कथित ‘VIP’ मेहमान की मांग का विरोध किया था, जिसके बाद उनकी हत्या कर शव को चीला नहर में फेंकने का आरोप सामने आया था। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए हिंसा और डूबने से संबंधित साक्ष्यों का भी उल्लेख किया।
रिजॉर्ट ध्वस्तीकरण पर भी उठाया सवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अंकिता के कमरे की जांच होने से पहले ही रिजॉर्ट को ध्वस्त कर दिया गया था। उन्होंने इसे लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में कथित ‘VIP’ की पहचान और उसे कथित संरक्षण दिए जाने को लेकर भी गंभीर सवाल हैं।
क्या अंकिता भंडारी को अब मिलेगा पूरा न्याय?
अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या हुई थी। लापता होने के करीब एक सप्ताह बाद उनका शव चीला शक्ति नहर से बरामद किया गया था। इस मामले ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया और महिलाओं की सुरक्षा, प्रभावशाली लोगों की जवाबदेही तथा न्याय प्रक्रिया को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
आपके अनुसार अंकिता भंडारी मामले में सबसे बड़ा सवाल क्या है? क्या आपको लगता है कि परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



