भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में स्वामित्व योजना सहित कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इसके तहत वर्षों से किसी संपत्ति पर काबिज लोगों को निःशुल्क रजिस्ट्री के माध्यम से जमीन और मकान का वैध मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य फैसले भी हुए।
सरकार के अनुसार 48 लाख 29 हजार संपत्तियों को रिकॉर्ड में शामिल किया गया है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। योजना के तहत स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में राहत दी जाएगी। इस निर्णय से राजस्व विभाग पर लगभग 3800 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
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यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया शुरू
बैठक के बाद प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 5 जून से प्रदेशभर में सरकार और संगठन द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
एमपी को मिल्क कैपिटल बनाने की कवायद
सरकार ने प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के लक्ष्य के साथ डेयरी क्षेत्र में तेजी से काम करने की बात कही। साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रदेश में दो लाख से अधिक जल संरचनाओं पर कार्य किए जाने की जानकारी दी गई। पशुपालकों की सुविधा के लिए “गौ रस” मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है। इस एप के माध्यम से पशुपालकों को मौसम के अनुसार पशुओं के आहार और देखभाल संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सरकार के अनुसार योजना के तहत बड़ी संख्या में घरों में सोलर रूफटॉप स्थापित किए जा रहे हैं।
48.29 लाख संपत्तियों का मिलेगा मालिकाना हक
कैबिनेट ने स्वामित्व योजना को भी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 को मंजूरी देते हुए तय किया कि जिन लोगों को स्वामित्व अधिकार अभिलेख मिल चुके हैं, उनकी संपत्तियों की रजिस्ट्री भी सरकार कराएगी। इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का कानूनी दस्तावेज मिलेगा और वे जरूरत पड़ने पर बैंक से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं, जिनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया पर आने वाला लगभग 3800 करोड़ रुपये का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्रों को ड्रेस
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को सिलाई कर तैयार की गई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए गारमेंट उद्योगों को टेंडर जारी किए जाएंगे।अभी तक विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 रुपए भेजे जाते थे, लेकिन शिकायतों के बाद व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत टेंडर के जरिए कपड़ा खरीदा जाएगा। विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म सिलवाकर उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार इससे पहले साइकिल वितरण व्यवस्था में भी बदलाव कर चुकी है।
27 विधायकों को मकान के लिए किराया
भोपाल में पुराने विधायक विश्राम गृह परिसर के पारिवारिक खंड और विधायक विश्राम गृह खंड-1 को तोड़कर बहुमंजिला इमारत बनाई जा रही है। विधानसभा की संसदीय सुविधा समिति ने यहां रहने वाले विधायकों को निर्माण पूरा होने तक 40 हजार रुपए महीना किराए पर निजी मकान लेने की अनुशंसा की है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 17 हजार करोड़
कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए 17 हजार 59 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी। मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों के संचालन के लिए वर्ष 2031 तक 14,363 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर और नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों के विस्तार हेतु 657 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए 1200 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए भी 838 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।


