गुवाहाटी: असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ से 10 और लोगों की मौत की खबर सामने आई है। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
असम सरकार के आपदा विभाग की ओर से रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 11 जिलों के 939 गांव इस समय बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। वहीं, बाढ़ की चपेट में आने से 6.53 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- Monsoon Fury in India: असम में बाढ़ से 21 मौतें, 5.64 लाख लोग प्रभावित; J&K से हिमाचल तक बारिश और भूस्खलन ने मचाई तबाही
- Sikkim Tunnel Collapse: सिक्किम में NHPC की निर्माणाधीन सुरंग हादसे में मृतक संख्या हुई 20; 5 अब भी फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
- Monsoon Fury: देश के कई राज्यों में आसमान से आफत! 43 लोगों की मौत, जम्मू-कश्मीर से असम तक बाढ़-भूस्खलन का कहर
- मुस्तफाबाद में छह मंजिला इमारत ढही, चार की मौत, रेस्क्यू जारी
- असम की कोयला खदान हादसा: एक मजदूर का शव मिला, बचाव अभियान जारी
- बाल्टीमोर: अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने रोका बचाव अभियान, लापता छह लोगों को माना मृत
राहत शिविरों में हजारों लोगों ने ली शरण
बाढ़ के कारण विस्थापित हुए लोगों के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों में राहत शिविर बनाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 25 हजार लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। ऊपरी असम में बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है।
शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट समेत कई जिलों में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। कई इलाकों में सड़कें और गांव पानी में डूब गए हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

NDRF ने 36 घंटे चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए NDRF और प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। NDRF के डिप्टी कमांडेंट एन.के. तिवारी ने बताया कि जोरहाट के कई इलाकों में फर्स्ट NDRF की दो टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि टियोक इलाके के कई गांव पूरी तरह पानी में डूब गए थे। करीब 65 जवानों वाली दो टीमों ने लगातार 36 घंटे तक बिना रुके बचाव अभियान चलाया और अब तक 470 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
हालांकि, इलाके में लगातार बारिश होने के कारण स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

सेना और हेलीकॉप्टर भी राहत-बचाव में जुटे
असम के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में भारतीय सेना भी राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए अलग-थलग पड़े इलाकों में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए हवाई निगरानी की जा रही है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ऊपरी असम के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि कोई भी व्यक्ति बाढ़ में फंसा न रह जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की टीमें चौबीसों घंटे राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी फोन पर बात कर राज्य में बाढ़ की मौजूदा स्थिति और राहत-बचाव अभियान की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ऊपरी असम में बादल फटने के कारण आई अचानक बाढ़ (Flash Flood) ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं और प्रशासन की ओर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।



