नामची (सिक्किम): सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग (झोलुंगे) में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। सुरंग ढहने की इस घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत की खबर है, जबकि पांच अन्य मजदूर अभी भी सुरंग के अंदर फंसे बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
24 घंटे से ज्यादा समय से सुरंग में फंसे हैं मजदूर
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हादसे के बाद से पांच मजदूर अब भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। लंबे समय से सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों को लेकर उनके परिजनों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत एवं बचाव टीमों को मौके पर तैनात किया गया है। सुरंग के अंदर पहुंचने और फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक संसाधनों और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायलों के लिए किया मुआवजे का ऐलान
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के लिए 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है।
सरकार और प्रशासन की ओर से बचाव अभियान पर लगातार नजर रखी जा रही है।
NHPC ने बताया- मीथेन गैस के अचानक विस्फोट से हुआ हादसा
हादसे के बाद एनएचपीसी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि चट्टानों के भीतर फंसी या दबी हुई संदिग्ध मीथेन गैस के अचानक विस्फोट के कारण यह घटना हुई। कंपनी के मुताबिक, विस्फोट के बाद सुरंग के अंदर घना धुआं और जहरीली गैसें फैल गईं, जिससे बचाव अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया।
हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
Patel Engineering की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी
नामची जिले में एनएचपीसी परियोजना के सिविल कंस्ट्रक्शन का काम कर रही पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड (PEL) ने कहा कि उसकी परियोजना टीम आपदा राहत बलों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर फंसे हुए मजदूरों को बचाने के लिए काम कर रही है।
कंपनी के अनुसार, बचाव अभियान के लिए जरूरी संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साइट की इंजीनियरिंग टीम सुरंग के अंदर बचाव दल को प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने में मदद कर रही है। कंपनी की टीम अधिकारियों के साथ चौबीसों घंटे राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है।
कंपनी ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में वह पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
Sikkim Tunnel Collapse ने बढ़ाई चिंता
सिक्किम में हुआ यह हादसा एक बार फिर निर्माणाधीन सुरंगों में मजदूरों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबसे बड़ी चुनौती सुरंग में फंसे पांच मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।



