नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। असम में बाढ़ से 21 और लोगों की मौत की खबर है, जबकि राज्य के 16 जिलों में 5.64 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

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असम में बाढ़ का कहर, 5.64 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
असम में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को राज्य में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 21 और लोगों की जान चली गई। राज्य के 16 जिलों में 5.64 लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।
बाढ़ से प्रभावित जिलों में गोलाघाट, कामरूप, होजाई, डिब्रूगढ़, विश्वनाथ, धेमाजी, शोणितपुर, उदलगुड़ी, नगांव, चराईदेव, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, तिनसुकिया, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और शिवसागर शामिल हैं।
बाढ़ के पानी ने 8 सौ से ज्यादा गांवों को प्रभावित किया है। वहीं करीब हजारों हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
शिवसागर में सबसे ज्यादा तबाही
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर शिवसागर जिले में देखने को मिला है, जहां साढ़े ३ लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा जोरहाट , चराईदेव, डिब्रूगढ़ और गोलाघाट में हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र बनाए हैं। बाढ़ के कारण अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए लोगों ने इन राहत शिविरों में शरण ली है।
ब्रह्मपुत्र, दिखोव, देसांग और धनसिरी समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राहत और बचाव अभियान में भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और दमकल विभाग समेत कई एजेंसियां जुटी हुई हैं।
रेल सेवाओं पर भी असर
ऊपरी असम के कुछ हिस्सों में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से ट्रेन सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी प्रभावित रहीं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने कई ट्रेनों को रद्द किया, कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में समाप्त किया और कई के रूट में बदलाव किया। यात्रियों की मदद के लिए विशेष ट्रेनों के संचालन की भी घोषणा की गई है।

नागालैंड में अचानक बाढ़ और भूस्खलन से 9 मौतें
नागालैंड के मोन जिले में लगातार बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। मंगलवार को पांच और शव बरामद किए गए, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं। उनकी तलाश में बचाव अभियान जारी है।
लगातार बारिश से राज्य में जनजीवन प्रभावित हुआ है और बुनियादी ढांचे, कृषि भूमि तथा सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है।

हिमाचल में बादल फटने से 6 मकान बहे
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटना में छह मकान बह गए। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए। शिमला के थियोग, चंबा के सलूणी और कुल्लू के निरमंड में भी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का फैसला लिया गया।
किन्नौर जिले में दो स्थानों पर भूस्खलन के बाद पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग यानी NH-5 वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा फिर शुरू
उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अस्थायी रूप से रोकी गई चारधाम यात्रा को मंगलवार को दोबारा शुरू कर दिया गया। अधिकारियों ने यात्रा मार्गों की स्थिति की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया।
बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुआ देहरादून-मसूरी मार्ग भी हल्के वाहनों के लिए फिर खोल दिया गया है।
अरुणाचल प्रदेश में 5 जिले बाढ़ की चपेट में
अरुणाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश से पांच जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। मानसून के कारण राज्य में अब तक करीब डेढ़ लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
सियांग, पपुम पारे, पश्चिम कामेंग, कमले और निचला सियांग जिलों के कई इलाकों से बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं की सूचना मिली है। कई गांवों में अचानक आई बाढ़ और जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जम्मू-कश्मीर में भी बारिश का कहर, 23 लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मंगलवार को हुई भारी बारिश से नदियां और नाले उफान पर आ गए। कई इलाकों में पानी घरों और दुकानों में घुस गया, जबकि तेज बहाव में वाहन बहने की भी खबर है।
अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों से सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और कई लोगों ने राहत केंद्रों में शरण ली है।
पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में रविवार से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
Monsoon ने बढ़ाई चिंता
असम से लेकर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश तक भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने एक बार फिर मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।



