कोलकाता। टीएमसी के बागी सांसदों पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता कुणाल घोष ने जमकर निशाना साधा है। कुणाल घोष ने सोमवार को कहा कि 20 टीएमसी सांसदों के NCPI में शामिल होने से कोई बड़ा फ़र्क नहीं पड़ता, असल बात यह है कि भाजपा ने उनके लिए दरवाजे बंद कर दिए।
कुणाल घोष ने कहा कि बागी सांसद भाजपा के दोस्त बनना चाहते हैं। एनडीए में शामिल होना चाहते हैं, वे भाजपा से बात कर रहे हैं। भाजपा नेताओं के घर जा रहे हैं, और किसी ऐसी पार्टी में शामिल हो रहे हैं जिसके बारे में किसी को कोई ज्यादा जानकारी नहीं है।
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ऐसे मेहमान, जिन्हें घर में जगह नहीं
कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा ने उनके लिए दरवाजे बंद कर दिए। वे ऐसे मेहमान हैं जिनका स्वागत तो है लेकिन घर के अंदर नहीं, उनके रहने के लिए किराए का मकान दिया जा रहा है। इसलिए, उनकी कोई प्रतिष्ठा नहीं है। भाजपा ने उनके साथ बैठकें कीं लेकिन अगर विलय का सवाल है, तो भाजपा ने उन्हें शामिल क्यों नहीं किया? भाजपा ने उनका स्वागत क्यों नहीं किया? इससे पता चलता है कि उनकी कोई प्रतिष्ठा नहीं है। वे भाजपा से बात कर रहे हैं और किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
एनसीपीआई का कोई प्रस्ताव नहीं है
कुणाल घोष ने कहा कि हमारे सूत्रों का कहना है कि एनसीपीआई का अब तक कोई प्रस्ताव, निर्णय या बैठक नहीं हुई है। उनकी ओर से किसने बात की? सांसद भाजपा से बात कर रहे थे, वहां एनसीपीआई का कोई नहीं था। उन्हें किसने शामिल किया? उन्हें झंडा तक नहीं दिया गया।



