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भोपाल। मध्यप्रदेश के धार्मिक शहरों में सरकार शराबबंदी पर विचार कर रही है। सोमवार को सीएम डॉ.मोहन यादव के इस संबंध में बयान के बाद सिसायत शुरू हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार तथा प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले में सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इससे पहले नर्मदा किनारे शराबबंदी का फैसला लिया गया था, लेकिन नर्मदा किनारे एक गांव नहीं है जहां पर अवैध या वैध शराब नहीं बिक रही हो। धार्मिक नगरियों में यदि शराब बंद करना था तो सबसे पहले उज्जैन में करते। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मैं जब उज्जैन गया था, तब कहा था कि मुख्यमंत्री को महाकाल की धार्मिक नगरी उज्जैन से ही शराबबंदी की शुरुआत करनी चाहिए। अब जब मुख्यमंत्री ऐसी बात कह रहे हैं, ये सिर्फ कहने से नहीं होगा, वो बताएं कि कब आदेश निकलेगा ? उन्होंने कहा कि सिर्फ धार्मिक नगरी ही क्यों मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में शराबबंदी क्यों नहीं करना चाहते। उमंग सिंघार ने कहा कि वो कुछ जिलों को क्यों छोड़ना चाहते हैं। क्या गुजरात शराब जाए इसलिए छोड़ना चाहते हैं।उन्होंने कहा मेरी मांग है कि अगर प्रदेश की जनता के लिए निर्णय करना है, तो धार्मिक नगरी के साथ साथ सभी जगह शराबबंदी होनी चाहिए।



