👉 यह भी पढ़ें:
- दिल्ली छात्र प्रदर्शन पर संसद में गरमाया माहौल, अमित शाह देंगे बयान; राहुल गांधी और सरकार आमने-सामने
- Parliament Monsoon Session: आज लोकसभा में चार अहम बिल, डिलिमिटेशन समेत कई मुद्दों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने
- Parliament में चंदा चोरी के खिलाफ प्रदर्शन पर गरमाई सियासत, भाजपा ने राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा, रिजिजू ने भी विपक्ष को घेरा
- Lok Sabha में जितेंद्र सिंह ने पेश किया पेपर लीक रोकने के लिए बिल, विपक्ष ने किया जोरदार हंगामा
- Defence Minister Rajnath Singh का विपक्ष पर हमला, कहा-स्टूडेंट्स को बनाया जा रहा पॉलिटिकल टूल
- Parliament Monsoon Session 2026: संसद में फिर हंगामा, NEET और छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन; लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 12 बजे तक स्थगित
0:00 left
हंगामे के साथ हुई संसद सत्र की शुरुआत, विपक्ष ने किया वॉकआउट
सोमवार को संसद सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही. सत्र शुरू होने से पहले स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव को अनुमति नहीं दी है इसके बाद शोर होने लगा और शोरगुल के बीच स्पीकर ओम बिरला ने भी सफाई दी कि वो माइक बंद नहीं करते.ओम बिरला ने कहा, “कई माननीय सदस्य बाहर ये आरोप लगाते हैं कि पीठासीन या सीट पर बैठे व्यक्ति माइक बंद कर देते हैं… आसन से व्यवस्था रहती है. व्यवस्था रहती है दूसरे नाम की तो दूसरा नाम दिया जाता है.

आसन से व्यवस्था के अनुसार माइक का कंट्रोल दे दिया जाता है. आसन पर बैठे व्यक्ति के पास माइक के कंट्रोल नहीं होता…इसलिए मेरा आग्रह है कि कोई भी व्यक्ति सभापित तालिका, आसन पर बैठे इस तरह का आक्षेप नहीं करेंगे तो उचित रहेगा. संविधान की मर्यादा के अनुसार रहेंगे.ओम बिरला ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी बोलने के लिए मौका दिया. बिरला ने खुद से पूछा कि आप बोलने के लिए खड़े हुए आप कुछ कहना चाहते हैं.राहुल ने कहा, हम चाहते थे कि नीट पर एक दिन की चर्चा हो…काफी जरूरी मामला है…दो करोड़ युवाओं का नुकसान हुआ है…70 बार बीते सात सालों में पेपर लीक हुए हैं. हम चाहते थे कि एक दिन इसपर चर्चा हो.इसके बाद ओम बिरला ने बताया कि राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद दें और इस दौरान न तो शून्यकाल होगा और न कोई स्थगन प्रस्ताव लिया जाएगा. ऐसा पहले ही व्यवस्था दी गई है.




