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नई दिल्ली। आम आदमी के पार्टी मुखिया अरविंद केजरीवाल ने आरएसएस चीफ मोहन भागवत को फिर चिट्ठी लिखी है। केजरीवाल ने लिखा है कि मीडिया में खबरें हैं कि आरएसएस दिल्ली चुनावों में भाजपा के लिए वोट मांगने जा रहा है। क्या यह सही है? इससे पहले, लोग आपसे यह जानना चाहते हैं कि भाजपा द्वारा की गई गलत कार्रवाइयों का क्या आरएसएस समर्थन करता है?
केजरीवाल ने बुधवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर भाजपा पर दिल्ली में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने और पैसे बांटने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आरएसएस प्रमुख को लिखे पत्र में कई सवाल उठाए है। उन्होंने पूछा कि क्या आरएसएस वोट खरीदने के लिए भाजपा नेताओं द्वारा खुलेआम पैसे बांटे जाने और भगवा पार्टी द्वारा बड़े पैमाने पर पूर्वांचली व दलित वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाने का समर्थन करता है? पत्र में लिखा है कि आदरणीय मोहन भागवत जी, प्रणाम। मुझे उम्मीद है कि आप स्वस्थ होंगे। मीडिया में खबरें हैं कि आरएसएस दिल्ली चुनावों में भाजपा के लिए वोट मांगने जा रहा है। क्या यह सही है? इससे पहले, लोग आपसे यह जानना चाहते हैं कि भाजपा द्वारा की गई गलत कार्रवाइयों का क्या आरएसएस समर्थन करता है?
केजरीवाल के तीन सवाल-
–क्या आरएसएस वोट खरीदने का समर्थन करती है, जैसा कि भाजपा के नेता खुलेआम पैसे बांटकर वोट खरीदने की कोशिश कर रहे हैं?
-क्या आरएसएस इस प्रयास को समर्थन करती है जिसमें गरीब, दलित, पूर्वांचली और झुग्गीवासियों के वोटों में कटौती की जा रही है?
–क्या आरएसएस को लगता है किभाजपा का यह कदम भारतीय जनतंत्र को कमजोर कर रहा है?
इससे पहले भी लिखा था पत्र
केजरीवाल ने इससे पहले भी संघ प्रमुख मोहन भागवत को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिटायरमेंट और भाजपा के अन्य मुद्दों पर पांच सवाल उठाए थे
-केजरीवाल ने पूछा था कि क्या पीएम मोदी का ईडी–सीबीआइ का दुरुपयोग कर पार्टियां तोड़ना सही है?
–जिन्हें भ्रष्टाचारी बताया, उन्हें पीएम मोदी द्वारा भाजपा में शामिल कर लेना कितना उचित?
-जेपी नड्डा के आरएसएस की जरूरत नहीं वाले बयान पर चुप क्यों है आरएसएस?
–75 साल के बाद सेवानिवृत्त होने का नियम क्या पीएम मोदी पर लागू होगा?
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