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भारतीय रेलवे में बड़ा बदलाव: एसी 3 टियर बना सबसे ज्यादा कमाई करने वाली श्रेणी
भारतीय रेलवे में यात्रियों की पसंद और यात्रा का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। एक समय था जब स्लीपर क्लास रेलवे की कमाई का सबसे बड़ा स्रोत था, लेकिन अब एसी 3 टियर ने इसकी जगह ले ली है। बीते पांच वर्षों में इस श्रेणी से रेलवे की कमाई में जबरदस्त उछाल देखा गया है।
एसी 3 टियर से रेलवे को रिकॉर्ड कमाई
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वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे का कुल अनुमानित यात्री राजस्व 80,000 करोड़ रुपये पहुंचने की उम्मीद है।
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इसमें से अकेले एसी 3 टियर से 30,089 करोड़ रुपये (38%) मिलने का अनुमान है।
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दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ 26 करोड़ यात्री (कुल 727 करोड़ में से 3.5%) एसी 3 टियर से यात्रा कर रहे हैं, फिर भी यह रेलवे के लिए सबसे अधिक कमाई करने वाली श्रेणी बन गई है।
यात्रियों की बदलती प्राथमिकताएं
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बीते पांच वर्षों में एसी 3 टियर यात्रियों की संख्या 11 करोड़ से बढ़कर 26 करोड़ हो गई है।
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इस दौरान इस श्रेणी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 19% रही।
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इसका मुख्य कारण है कि यात्री अब आरामदायक और बेहतर सुविधाओं वाली यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं।
किराए में भी हुआ बदलाव
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एसी 3 टियर का औसत किराया 2019-20 में 1,090 रुपये था, जो 2024-25 में 1,171 रुपये हो गया, यानी 7.4% की वृद्धि।
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अन्य एसी श्रेणियों में भी किराए में वृद्धि हुई:
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एसी फर्स्ट क्लास: 25.38%
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एसी चेयर कार: 23.24%
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एसी 2 टियर: 18.22%
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स्लीपर क्लास का योगदान घटा
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2019-20 में स्लीपर क्लास रेलवे के कुल यात्री राजस्व का 27% (13,641 करोड़ रुपये) देता था, जो 2024-25 में घटकर 19.5% (15,603 करोड़ रुपये) रह गया।
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हालांकि, स्लीपर क्लास से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 37 करोड़ से बढ़कर 38 करोड़ हो गई है।
एसी यात्रियों की संख्या बढ़ी, बिना एसी यात्रियों की संख्या घटी
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2019-20 में एसी यात्रियों की संख्या 18 करोड़ थी, जो 2024-25 में बढ़कर 38 करोड़ हो गई, यानी दोगुनी वृद्धि।
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दूसरी ओर, बिना एसी यात्रियों की संख्या 790 करोड़ से घटकर 688 करोड़ हो गई।



