👉 यह भी पढ़ें:
- India’s First Hydrogen Train: पीएम मोदी आज दिखाएंगे हरी झंडी, हरियाणा से शुरू होगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन; जानें किराया, स्पीड और खासियत
- Viral Train Video: ट्रेन के अंदर पूजा का Video हुआ वायरल, क्या Indian Railways ने दी थी अनुमति? रेलवे ने बताई पूरी सच्चाई
- Vande Bharat Express में अचानक आई बड़ी तकनीकी खराबी! 4 घंटे तक ट्रैक पर रुकी रही ट्रेन, यात्रियों में बढ़ी बेचैनी
- भारतीय रेलवे में टिकट नियमों में बदलाव: 1 मई से वेटिंग टिकट वालों पर सख्ती
- अब यूपीआई से जनरल टिकट खरीदना होगा आसान, भारतीय रेलवे ने पेश की नई डिजिटल सुविधा
- भारतीय रेलवे में बड़ा बदलाव: एसी 3 टियर बना सबसे ज्यादा कमाई करने वाली श्रेणी
0:00 left
भारतीय रेलवे को मिली 18,658 करोड़ की नई परियोजनाएं, नेटवर्क में 1247 किमी का विस्तार होगा
केंद्रीय रेल और सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई रेलवे की 4 बड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी। इन परियोजनाओं की कुल लागत 18,658 करोड़ रुपये है और इनके जरिए भारतीय रेलवे का नेटवर्क करीब 1247 किलोमीटर तक बढ़ेगा।
किन राज्यों को मिलेगा लाभ?
मंत्री वैष्णव ने बताया कि ये परियोजनाएं महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुल 15 जिलों को कवर करेंगी। इससे इन राज्यों की रेल कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
स्वीकृत परियोजनाएं
- संबलपुर-जरापदा तीसरी और चौथी लाइन
- झारसुगुड़ा-सासन तीसरी और चौथी लाइन
- खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा पांचवीं और छठी लाइन
- गोंदिया-बल्हारशाह दोहरीकरण परियोजना
लाभ और प्रभाव
- मल्टी-ट्रैकिंग से रेलवे परिचालन में सुगमता आएगी और भीड़भाड़ कम होगी।
- सेवा की दक्षता और विश्वसनीयता में सुधार होगा।
- 19 नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण होगा, जिससे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जैसे क्षेत्रों में सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
- इन परियोजनाओं से लगभग 3350 गांवों और 47.25 लाख लोगों को लाभ पहुंचेगा।
- खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा और बलौदा बाजार जैसे क्षेत्रों को सीधे रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे सीमेंट और अन्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं बढ़ेंगी।
माल ढुलाई और आर्थिक लाभ
- इन मार्गों के जरिए कृषि उत्पाद, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, स्टील, सीमेंट और चूना पत्थर जैसी वस्तुओं की ढुलाई संभव होगी।
- इन परियोजनाओं से 88.77 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी।
पर्यावरणीय और ऊर्जा लाभ
मंत्री वैष्णव ने बताया कि रेलवे पर्यावरण के अनुकूल परिवहन माध्यम है। ये परियोजनाएं देश के जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में भी मदद करेंगी।
- 95 करोड़ लीटर तेल के आयात में कमी आएगी।
- 477 करोड़ किलोग्राम CO2 उत्सर्जन में कमी होगी, जो 19 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
- इससे देश की रसद लागत में भी गिरावट आएगी।
निष्कर्ष
इन नई परियोजनाओं से न सिर्फ रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा, बल्कि औद्योगिक विकास, रोजगार, पर्यावरणीय सुरक्षा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिलेगा। यह भारतीय रेलवे को एक आधुनिक, टिकाऊ और कुशल परिवहन तंत्र की दिशा में आगे ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम है।



