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नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर मनमाना ट्रैरिफ लागू करना शुरू किया है, तब से भारत और चीन करीब आते दिखाई दे रहे हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस मुलाकात को भारत–चीन दोनों देशों के रिश्तों को वापस पटरी पर लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
वांग यी के साथ बैठक के बाद अजीत डोभाल ने कहा कि पिछले साल अक्टूबर में रूस के कजान में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात काफी सफल रही। इस मुलाकात के बाद दोनों देश एक नया ट्रेंड स्थापित करने में सफल रहे। इस मीटिंग के बाद दोनों देशों के रिश्तों को काफी मजबूती मिली। दोनों देशों के बीच एक नया माहौल बना है।
उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को बातचीत की शुरुआत करते हुए कहा कि दोनों देश आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने सीमा पर शांति बनाए रखने को जरूरी बताया। इसके साथ ही एलएसी पर सैन्य ढांचे को हटाने की प्रक्रिया को पूरा करने पर जोर दिया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हमारे रिश्ते में एक मुश्किल दौर देखने के बाद अब हमारे दोनों देश आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे संबंधों में किसी भी सकारात्मक गति के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने की क्षमता जरूरी है।
इधर, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि भारत–चीन संबंध में सहयोग की ओर लौटने की दिशा में सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं। उन्होंने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को एक–दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं बल्कि साझेदार के रूप में देखना चाहिए। सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे वांग ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक के दौरान यह टिप्पणी की।



