पंतनगर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुवार को उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। उन्हें अल्मोड़ा के सिमकली मैदान में आयोजित सभा को संबोधित करना था, लेकिन पंतनगर एयरपोर्ट से अल्मोड़ा के लिए उड़ान भरने के बाद खराब मौसम और कम दृश्यता के चलते उनके हेलीकॉप्टर को वापस पंतनगर लौटना पड़ा।
इसके बाद राहुल गांधी ने मोबाइल फोन के जरिए सभा को संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। कांग्रेस इस दौरे को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और राजनीतिक रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है
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मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने किया सरेंडर
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने देश की विदेश नीति, कृषि और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने पूरी तरह सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश की विदेश नीति को अमेरिका कंट्रोल कर रहा है।
शिक्षा व्यवस्था और कृषि गहरे संकट में
राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र की वर्तमान नीतियों के कारण देश की शिक्षा व्यवस्था और कृषि क्षेत्र गहरे संकट में हैं। नीतियां आम जनता और किसानों के हित में न होकर कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं। जीएसटी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि गलत तरीके से लागू की गई इस टैक्स व्यवस्था के कारण देश के छोटे-छोटे कारोबार बंद हो गए। इसके चलते रोजगार खत्म हो गए और पूरा व्यापार कुछ बड़े उद्योगपतियों के हाथों में सिमट कर रह गया है।
बुधवार को दिया था इमरजेंसी वाला बयान
बुधवार को राहुल गांधी ने एक ऐसा बयान दिया था, जिससे सियासत गरमा गई है। राहुल गांधी ने कहा था कि चीजों को नियंत्रित करने का ‘सिस्टम’ अब ध्वस्त हो रहा है और उनका अंदाजा है कि एक साल के भीतर नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री के पद पर नहीं रहेंगे। उन्होंने पार्टी के आदिवासी प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह दावा भी किया कि अब सरकार के भीतर से ही ‘संस्थागत विद्रोह’ शुरू हो रहा है और बहुत बड़ी आर्थिक सुनामी आने वाली है। उन्होंने कहा कि देश में लोगों के विरोध से इमरजेंसी भी लग सकती है।


