कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में उथल-पुथल मची हुई है। अब ममता बनर्जी की पार्टी की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।बारासात से टीएमसी सांसद ने महिला तृणमूल विंग की अध्यक्ष और अन्य पदों से इस्तीफा दिया है। हालांकि, वह सांसद के तौर पर अपना काम जारी रखेंगी।
बयान जारी कर बताया कारण
घोष ने कहा कि वह गहरे मानसिक द्वंद्व और लंबे विचार-विमर्श के बाद पद छोड़ रही हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से अपनी निराशा जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान एक अन्य पढ़ी-लिखी महिला सांसद के अन्य महिला सांसदों के प्रति अनुचित व्यवहार को रोक पाना संभव नहीं हो पाया और न ही उच्च नेतृत्व से पर्याप्त सहयोग या सहानुभूति मिली। ऐसी स्थिति में बने रहने का अब कोई अर्थ नहीं रह गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- गंगाजल विवाद: राहुल गांधी ने दलित विरोधी मानसिकता पर साधा निशाना
- महर्षि वाल्मीकि घोटाले में फंसे मंत्री बी. नागेंद्र ने छोड़ी कुर्सी
- पेंग्विन इंडिया ने सोनिया गांधी की किताब ‘बिलोंगिंग’ छापने से किया इनकार
- लोकसभा अध्यक्ष ने टीएमसी के 20 बागी सांसदों को भेजा नोटिस
- गृह मामलों की समिति में पैलेट गन पर विपक्ष का हंगामा
- कांग्रेस ने जनगणना प्रक्रिया में बदलाव के लिए पीएम मोदी को लिखा पत्र
कई घटनाओं ने अंतरात्मा को झकझोरा
काकोली घोष ने कहा कि पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभीर आरोपों और घटनाओं ने मेरी अंतरात्मा को गहराई से झकझोर दिया है। राशन वितरण में भ्रष्टाचार, शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार, और विभिन्न वित्तीय तथा प्रशासनिक अनियमितताओं ने आम लोगों के मन में गहरा गुस्सा और अविश्वास पैदा कर दिया है।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज का किया जिक्र
काकोली ने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की अस्वाभाविक मृत्यु और उस घटना से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों ने समाज को हिलाकर रख दिया है और उसे व्यथित कर दिया है। मैंने व्यक्तिगत रूप से इन घटनाओं के नैतिक प्रभाव को बहुत गहराई से महसूस किया है।
पार्टी नहीं छोड़ रहीं काकोली
घोष ने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि यह निर्णय किसी व्यक्तिगत शिकायत या मनमुटाव के कारण नहीं लिया गया है। बल्कि मैं यह निर्णय पार्टी, लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए ले रही हूं। हालांकि, मैं पार्टी नहीं छोड़ रही हूं। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में मैं लोगों के साथ खड़े रहने और बंगाल के हित में काम करने के अपने संकल्प पर कायम रहूंगी।
मुख्य सचेतक पद से हटाने के बाद फैसला
उल्लेखनीय है कि यह कदम तब उठाया गया, जब बनर्जी ने दस्तीदार को टीएमसी संसदीय दल के मुख्य सचेतक पद से हटाकर यह अहम जिम्मेदारी वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को सौंप दी। इससे पहले मंगलवार को काकोली ने छह अन्य विधायकों के साथ कल्याणी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया।



