कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में उथल-पुथल मची हुई है। अब ममता बनर्जी की पार्टी की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।बारासात से टीएमसी सांसद ने महिला तृणमूल विंग की अध्यक्ष और अन्य पदों से इस्तीफा दिया है। हालांकि, वह सांसद के तौर पर अपना काम जारी रखेंगी।
बयान जारी कर बताया कारण
घोष ने कहा कि वह गहरे मानसिक द्वंद्व और लंबे विचार-विमर्श के बाद पद छोड़ रही हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से अपनी निराशा जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान एक अन्य पढ़ी-लिखी महिला सांसद के अन्य महिला सांसदों के प्रति अनुचित व्यवहार को रोक पाना संभव नहीं हो पाया और न ही उच्च नेतृत्व से पर्याप्त सहयोग या सहानुभूति मिली। ऐसी स्थिति में बने रहने का अब कोई अर्थ नहीं रह गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर लगाया विदेशी ताकतों से जुड़ाव का आरोप
- अमित शाह ने राहुल गांधी पर किया हमला, कहा- अगले 30 साल आपका नंबर नहीं लगेगा
- फ्रांस से लौटते ही भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 घंटे रोका, AAP ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप
- ‘मैं शिव शक्ति में विश्वास करता हूं’ राहुल गांधी ने आरएसएस पर किया तीखा हमला
- राहुल गांधी बोले- मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को न्याय का सामना करना होगा
- मेघालय विधानसभा में भाजपा की ताकत हुई दोगुनी, 8 UDP विधायकों का दलबदल मंजूर
कई घटनाओं ने अंतरात्मा को झकझोरा
काकोली घोष ने कहा कि पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभीर आरोपों और घटनाओं ने मेरी अंतरात्मा को गहराई से झकझोर दिया है। राशन वितरण में भ्रष्टाचार, शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार, और विभिन्न वित्तीय तथा प्रशासनिक अनियमितताओं ने आम लोगों के मन में गहरा गुस्सा और अविश्वास पैदा कर दिया है।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज का किया जिक्र
काकोली ने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की अस्वाभाविक मृत्यु और उस घटना से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों ने समाज को हिलाकर रख दिया है और उसे व्यथित कर दिया है। मैंने व्यक्तिगत रूप से इन घटनाओं के नैतिक प्रभाव को बहुत गहराई से महसूस किया है।
पार्टी नहीं छोड़ रहीं काकोली
घोष ने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि यह निर्णय किसी व्यक्तिगत शिकायत या मनमुटाव के कारण नहीं लिया गया है। बल्कि मैं यह निर्णय पार्टी, लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए ले रही हूं। हालांकि, मैं पार्टी नहीं छोड़ रही हूं। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में मैं लोगों के साथ खड़े रहने और बंगाल के हित में काम करने के अपने संकल्प पर कायम रहूंगी।
मुख्य सचेतक पद से हटाने के बाद फैसला
उल्लेखनीय है कि यह कदम तब उठाया गया, जब बनर्जी ने दस्तीदार को टीएमसी संसदीय दल के मुख्य सचेतक पद से हटाकर यह अहम जिम्मेदारी वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को सौंप दी। इससे पहले मंगलवार को काकोली ने छह अन्य विधायकों के साथ कल्याणी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया।



