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कंबोडिया–थाईलैंड तनाव पर ट्रंप ने रोक लगाई, दोनों देशों में संघर्ष-विराम बचाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने कंबोडिया और थाईलैंड के बीच बढ़ते तनाव को तुरंत रोकते हुए दोनो देशों के बीच जारी संघर्ष-विराम को बचा लिया। हाल ही में सीमा पर हुई गोलीबारी और बढ़ती हिंसा ने हालात को युद्ध जैसी स्थिति में पहुँचा दिया था।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “मैंने आज एक युद्ध रोक दिया। दोनों देशों से बात की। पहले हालात बहुत खराब थे, लेकिन अब सब ठीक होने की उम्मीद है।”
ट्रंप ने फोन पर कंबोडिया और थाईलैंड – दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों से बात की। उन्होंने दावा किया कि कड़े व्यापारिक कदमों की उनकी नीति ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की ताकत दी, और उसी का उपयोग करते हुए उन्होंने दोनों देशों को संघर्ष रोकने के लिए राज़ी किया।
अमेरिका पहले भी इस सीमा विवाद में हस्तक्षेप कर चुका है। जुलाई में पाँच दिनों तक चली गोलीबारी के दौरान भी अमेरिका ने अस्थायी युद्ध-विराम करवाया था। यह व्यवस्था बाद में मलयेशिया में हुए आसियान सम्मेलन के दौरान और आगे बढ़ाई गई।
सीमा पर तनाव की वजह
इस हफ्ते फिर स्थिति बिगड़ी जब कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने बताया कि गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत हो गई और तीन लोग घायल हुए।
- कंबोडिया का आरोप: थाई सैनिकों ने बंतेय मेन्चे प्रांत के प्रेई चान गांव के नागरिकों पर गोली चलाई।
- थाईलैंड का दावा: फायरिंग की शुरुआत कंबोडियाई सैनिकों ने की, जिन्होंने सा काओ प्रांत की ओर गोली चलाई।
थाईलैंड ने अपने यहां किसी हताहत की पुष्टि नहीं की।
विवाद की जड़
दोनों देशों का यह विवाद 1907 के फ्रांसीसी शासनकाल के नक्शे पर आधारित है।
- थाईलैंड का मत: नक्शा गलत है।
- कंबोडिया का मत: उसी नक्शे को सीमा निर्धारण का आधार माना जाना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा संघर्ष-विराम केवल हिंसा रोकने भर का काम करता है, लेकिन वास्तविक सीमा निर्धारण का मुद्दा अब भी अनसुलझा है।
ट्रंप ने उम्मीद जताई कि दोनों देश शांति बनाए रखेंगे, हालांकि उन्होंने माना कि भविष्य अनिश्चित है।



