US Air Strike on Iran: होर्मुज स्ट्रेट में तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए हैं।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह सैन्य अभियान अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में बेगुनाह चालक दल वाले कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने के जवाब में शुरू किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलों में कई लोग घायल हुए हैं, हालांकि अब तक किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
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वहीं, ईरान के उप विदेश मंत्री ने अमेरिकी कार्रवाई को पिछले महीने हुए अमेरिका-ईरान अंतरिम समझौते का उल्लंघन बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान इस हमले का “निर्णायक जवाब” देगा।
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हवाई हमले केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सिरिक के इलाकों में किए गए। दूसरी ओर, अमेरिका पहले ही चेतावनी दे चुका था कि यदि तेल टैंकरों या कमर्शियल जहाजों पर हमले जारी रहे, तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

मंगलवार रात जारी बयान में CENTCOM ने कहा कि यह कार्रवाई “ईरान की आक्रामक और उकसावे वाली गतिविधियों” के जवाब में की गई है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि ईरान की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा और युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन थी।
इन सैन्य हमलों से ठीक पहले अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान को दी गई तेल प्रतिबंधों में अस्थायी छूट भी वापस ले ली, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो इसका असर वैश्विक तेल कीमतों, समुद्री व्यापार और पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
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