भारत के प्रसिद्ध संविधान विशेषज्ञ और लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन से राजनीतिक और संसदीय जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 97 वर्षीय कश्यप लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ. कश्यप भारत के अग्रणी संवैधानिक विद्वानों में से एक थे, जिनके विचार और लेखन ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
👉 यह भी पढ़ें:
- PM Modi की Reel ने रचा इतिहास, 24 घंटे में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली रील बन गई,27 करोड़ 10 लाख लोगों ने देखा
- PM Modi Gen Z Connect: प्रदर्शनकारी छात्रों से सीधे संवाद कर रहे पीएम मोदी, बोले- ‘थैंक्यू फ्रेंड्स’, NEET-UG पेपर लीक पर बड़ा एक्शन?
- Paper Leak Controversy: पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का पलटवार, बोले- ‘मरहम नहीं, चोट की वजह का इलाज जरूरी’
- PM Modi Parliament Speech: मानसून सत्र के पहले दिन पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर चल पड़ा है भारत’
- Ram Mandir Donation Row: राहुल गांधी-खरगे ने PM मोदी को लिखा पत्र, राम मंदिर चंदे की कथित गड़बड़ी पर मांगी स्वतंत्र जांच
- Vikram-1 Launch: भारत के निजी स्पेस सेक्टर में ऐतिहासिक छलांग! PM मोदी ने की Skyroot Aerospace की तारीफ, बोले- ‘इतिहास रचे विक्रम-1’

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
डॉ. कश्यप ने लोकसभा के सातवें, आठवें और नौवें कार्यकाल में महासचिव के रूप में सेवाएं दी थीं। वे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ समिति के सदस्य भी रहे थे। भारतीय संविधान पर उनकी पुस्तकों और शोध कार्यों को आज भी महत्वपूर्ण संदर्भ माना जाता है।



