भारत के प्रसिद्ध संविधान विशेषज्ञ और लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन से राजनीतिक और संसदीय जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 97 वर्षीय कश्यप लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ. कश्यप भारत के अग्रणी संवैधानिक विद्वानों में से एक थे, जिनके विचार और लेखन ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
डॉ. कश्यप ने लोकसभा के सातवें, आठवें और नौवें कार्यकाल में महासचिव के रूप में सेवाएं दी थीं। वे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ समिति के सदस्य भी रहे थे। भारतीय संविधान पर उनकी पुस्तकों और शोध कार्यों को आज भी महत्वपूर्ण संदर्भ माना जाता है।



