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-नितिन जैन, चीफ रिपोर्टर
इंदौर। इंदौर में जिला अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष की घोषणा के साथ कई दिनों से जारी ऊहापोह की स्थिति खत्म हुई। गुरुवार को नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा की नियुक्ति की घोषणा कर दी गई, लेकिन जिस कार्यालय को अपनी कर्मभूमि की तरह पूजना है उसी कार्यालय पहुंचने में दोनों पदाधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई। पूरे दिन दोनों नए अध्यक्षों से बीजेपी कार्यालय के पदाधिकारी सम्पर्क करने का प्रयास करते रहे, लेकिन दोनों अपने–अपने तारण हारों और गुट के नेताओं के पाद पूजन में लगे रहे।
सूत्र बताते हैं कि गौरव रणदिवे ने भी इस मामले कार्यभार संभालने के लिए मीडिया प्रभारियों को अध्यक्ष सुमित मिश्रा से संपर्क के लिए कहा ताकि कार्यभार दे सकें, लेकिन किसी भी अध्यक्ष से संपर्क नहीं हुआ। न ही चावड़ा और न ही मिश्रा ने अपनी ओर से कार्यालय पहुंचने का कोई समय दिया।
संगठन महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने दिए थे निर्देश
दरअसल अपने बड़े नेताओं के पाद पूजन और उनके सम्मान के चक्कर में कार्यालय का सम्मान कम न हो, इसलिए पिछले दिनों बीजेपी संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने वर्चुअल बैठक में निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि जिसकी भी बतौर नगर अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष नियुक्ति हो वो नेताओं के द्वार–द्वार न जाकर सबसे पहले कार्यालय जाए., लेकिन इंदौर के नगर और जिला अध्यक्ष ने सबसे पहले इस निर्देश को डस्टबिन में फेंक डाला।
शाम 6 बजे तक कोई खोज-खबर नहीं
दोनों अध्यक्षों के नियुक्ति पत्र दोपहर में 12 बजे तक जारी हो गए, लेकिन शाम 6 बजे खबर लिखे जाने तक न नगर न जिला अध्यक्ष बीजेपी कार्यालय पहुंचा न ही किसी से संपर्क हो पाया। लंबे समय से बाट दो नए अध्यक्षों की स्वागत की बाट जोह रहे भाजपा कार्यालय में सूनापन पसरा रहा।



