उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक बड़ा हादसा हो गया। तेज आंधी, बारिश और तूफान के बीच बेतवा नदी पर बन रहा निर्माणाधीन पुल अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे में मलबे के नीचे दबकर पांच मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
यह पुल लालपुर थाना क्षेत्र के मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। हादसा रात करीब 3 बजे हुआ, जब पुल के नीचे कई मजदूर सो रहे थे। ये मजदूर सुबह निर्माण कार्य शुरू होने से पहले वहीं आराम कर रहे थे।
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घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया ।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज बारिश और आंधी के कारण पुल का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। हालांकि, निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
गौरतलब है कि बेतवा नदी पर बनने वाले इस पुल परियोजना को राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के प्रयासों से मंजूरी मिली थी। पुल का निर्माण उनके पैतृक गांव मोराकंदर परसानी के पास कराया जा रहा था।



