नामची, सिक्किम: सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग (झोलुंगे) इलाके में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे में अब तक 8 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। सभी बरामद शवों को पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेज दिया गया है।
वहीं, सुरंग के अंदर फंसे अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
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करीब 1.5 किलोमीटर अंदर हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा दोपहर को ममरिंग स्थित समरदुंग सुरंग में हुआ। यह सुरंग एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत पटेल इंजीनियरिंग द्वारा बनाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि सुरंग के प्रवेश द्वार से करीब 1.5 किलोमीटर अंदर मीथेन गैस जमा होने के बाद उसे बाहर निकालने की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान विस्फोट जैसी स्थिति बनने और भूस्खलन के कारण सुरंग का रास्ता बंद होने की आशंका है। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुछ मजदूर समय रहते सुरंग से बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कई लोग अंदर फंस गए। सुरंग में मीथेन गैस की अधिक मात्रा और ऑक्सीजन की कमी के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

सुरंग में कितने लोग फंसे हैं? आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं
नामची जिला प्रशासन के अनुसार, शुरुआती जानकारी में करीब 19 मजदूरों के सुरंग के अंदर फंसे होने की बात सामने आई थी। इसके बाद बचाव कार्य के लिए पटेल इंजीनियरिंग के तीन कर्मचारी अंदर गए, जिनमें से दो के भी अंदर फंसने की आशंका है।
इसके अलावा एनएचपीसी के करीब छह कर्मचारियों के भी सुरंग के भीतर होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह कुल संख्या 27 लोगों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह संख्या अंतिम नहीं है और वास्तविक आंकड़ा कम या अधिक हो सकता है।
जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग के अनुसार, जब तक एनडीआरएफ की टीम सुरंग के भीतर फंसे लोगों के संभावित स्थान तक नहीं पहुंचती, तब तक अंदर मौजूद लोगों की सही संख्या और उनकी स्थिति की पुष्टि करना मुश्किल है।
जहरीली गैस के बीच जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
सुरंग में गैस का स्तर काफी अधिक होने के कारण बचावकर्मियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अभियान में शामिल कुछ कर्मियों को चक्कर आने और तबीयत बिगड़ने की सूचना है। शुरुआती रेस्क्यू प्रयास में अंदर गए तीन लोगों में से एक की हालत बिगड़ने के बाद उसे रंगपो सीएचसी में भर्ती कराया गया।
पहली एनडीआरएफ टीम ने घटना के बाद सुरंग के अंदर गए कुछ अग्निशमन कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दूसरी एनडीआरएफ टीम ने सुरंग के भीतर प्रवेश कर बचाव अभियान आगे बढ़ाया।
बचाव दल गैस मास्क, गैस-प्रोटेक्टिव उपकरण और अन्य सुरक्षा संसाधनों की मदद से अभियान चला रहा है। पश्चिम बंगाल से विशेष गैस-प्रोटेक्टिव उपकरणों से लैस विशेषज्ञ बचाव दल को भी अभियान में शामिल किया गया है।
वेंटिलेशन सुधारने पर जोर, प्रशासन की पहली प्राथमिकता रेस्क्यू
जिला प्रशासन सुरंग के भीतर वेंटिलेशन बेहतर करने और सुरक्षित तरीके से फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। मौके पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया है।
नामची जिला प्रशासन, एनएचपीसी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) भी पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी कर रहा है।
प्रशासन का कहना है कि इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी लोगों तक सुरक्षित पहुंचना और उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालना है।



